दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या पर क्यों लगाम लगाने जा रही सरकार; समझिए 5 बड़े कारण
सरकार ने तय किया है कि नई नीति के तहत 2.5 लाख की तय सीमा से ज्यादा एक भी नए ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। ऐसा तब तक होगा जब तक कि सरकार भविष्य में इस सीमा की समीक्षा न करे।

दिल्ली में ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा से जुड़े खतरों से निपटने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 के ड्राफ्ट में ई-रिक्शा की संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकारी अनुमान के मुताबिक दिल्ली में फिलहाल लगभग 4 लाख ई-रिक्शा चल रहे हैं। हालांकि, इनमें से केवल 2,05,665 ही आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड हैं। इसका मतलब है कि लगभग 2 लाख वाहन अवैध रूप से शहर की सड़कों पर चल रहे हैं। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि नई नीति के तहत 2.5 लाख की तय सीमा से ज्यादा एक भी नए ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। ऐसा तब तक होगा जब तक कि सरकार भविष्य में इस सीमा की समीक्षा न करे।
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद तेजी से फैल रहे सेक्टर में रेगुलेशन लाना है। इसके अलावा सरकार बिना मोटर वाले अन्य वाहनों (जैसे साइकिल रिक्शा) को भी रेगुलेट करने की योजना बना रही है। इस बीच पांच बड़े पॉइंट्स में समझने की कोशिश करते हैं कि दिल्ली सरकार ई रिक्शा की संख्या सीमीत करने की तैयारी क्यों कर रही है।
5 बड़े कारण
- बड़ी संख्या में ई रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन ही दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ये कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में इन पर लगाम लगाने के लिए ये फैसला लिया गया है।
2. दिल्ली में कई ऐसे इलाके हैं जहां ईरिक्शा के चलते भारी जाम की स्थिति बन जाती है। अमूमन ऐसे हालात मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और रिहायशी इलाकों के आसपास दिखाई देते हैं। ई-रिक्शा की संख्या सीमीत करने पर इस समस्या से मुक्ति मिल सकती है।
3. रोड सेफ्टी भी एक बहुत बड़ी वजह है। बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे कई ई-रिक्शा तय सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते और बिना वैध दस्तावेजों के सड़कों पर दौड़ते हैं। इससे हादसों का खतरा भी बना रहता है।
4. ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक ई रिक्शा सेक्टर बिना किसी रूट प्लान या तय सीमा के अनियंत्रित रूप से बढ़ रहा है जिसे रोकने के लिए सरकार एक मजबूत प्लान तैयार करना चाहती है।
5. परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कि प्रवर्तन एजेंसियों, नगर निगम अधिकारियों और निवासियों ने ई-रिक्शा के अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शा, भीड़भाड़ और असुरक्षित आवाजाही को लेकर बार-बार चिंताएं जताई हैं। ऐसे में इस कदम के लिए इन परेशानियों को भी दूर करने की कोशिश की जा रही है।




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