CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने वाले प्रस्ताव पर क्यों नहीं किए साइन, राघव चड्ढा ने खुद बता दी वजह
आदमी पार्टी और उसके राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के बीच शनिवार को उस समय जुबानी जंग तेज हो गई, जब चड्ढा ने पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाया गया है।

आदमी पार्टी और उसके राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के बीच शनिवार को उस समय जुबानी जंग तेज हो गई, जब चड्ढा ने पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाया गया है। आरोपों को झूठा करार देते हुए राघव चड्ढा ने कहा, मैंने हमेशा संसद में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाया है; मैं वहां सरकार पर दबाव डालने के लिए हूं, हंगामा करने के लिए नहीं। फिल्म धुरंधर के एक डायलॉग बोलते हुए चड्ढा ने एक वीडियो संदेश में कहा, हर झूठ का पर्दाफाश होगा। क्योंकि मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं।
वीडियो संदेश में राघव चड्ढा ने उन तीनों बड़े आऱोपों का जवाब दिया जो आम आप नेताओं ने उन पर लगाए। इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े प्रस्ताव पर साइन ना करना भी शामिल था। राघव चड्डा ने अपने वीडियो संदेश में कहा,उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। यह एक और सरासर झूठ है। किसी भी आम आदमी पार्टी के नेता ने मुझे आधिकारिक या अनौपचारिक रूप से प्रस्ताव पर साइन करने के लिए नहीं कहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में 10 सांसद हैं, लेकिन उनमें से 6 या 7 ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। तो फिर इसमें केवल उन्हें ही जिम्मेदार क्यों बताया जा रहा है। उन्होंने उन अन्य आम आदमी सांसदों के नाम नहीं बताए जिन्होंने प्रस्ताव पर साइन नहीं किए।
वॉक आउट ना करने के आरोपों पर भी जवाब
उन्होंने कहा कि वह जवाब नहीं देना चाहते, लेकिन अगर झूठ को लगातार दोहराया जाए तो वो भी सच लगने लगता है। चड्ढा ने कहा, मुझ पर पहला आरोप यह लगाया गया कि मैंने विपक्ष के साथ वॉक आउट नहीं किया। यह सरासर झूठ है, और मैं आपको (आम आदमी पार्टी) चुनौती देता हूं कि आप मुझे एक भी उदाहरण, एक भी घटना बताइए, जहां विपक्ष ने वॉक आउट किया हो और मैंने उनका साथ ना दिया हो। संसद में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। मुझे फुटेज दिखाइए, सब साफ हो जाएगा।
सांसद ने कहा,वे कह रहे हैं कि मैं डरा हुआ हूं इसीलिए बेकार के मुद्दे उठा रहा हूं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं संसद में हंगामा करने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या अपशब्द कहने नहीं गया था। मैं वहां लोगों की समस्याओं को उठाने गया था।
उन्होंने कहा कि संसद में उनका ध्यान जीएसटी, आयकर, दिल्ली में वायु प्रदूषण, पंजाब में जल संबंधी समस्याएं, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, रेल यात्री मुद्दे, बेरोजगारी और महंगाई जैसे सार्वजनिक मुद्दों को उठाने पर रहा है। उन्होंने कहा, ने कहा कि वह संसद में हंगामा करने के लिए नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने जाते हैं, क्योंकि यह करदाताओं के पैसे से चलती है और लोगों की चिंताओं को उजागर करना उनकी जिम्मेदारी है।




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