आखिर कितनी संपत्ति के मालिक हैं राघव चड्ढा? जानिए हर डिटेल
आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी राजनीति के साथ-साथ उनकी संपत्ति भी है। राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद जहां एक ओर बयानबाजी और आरोपी प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है तो वहीं दूसरी ओर उनकी संपत्ति को लेकर भी चर्चा तेज है।

आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी राजनीति के साथ-साथ उनकी संपत्ति भी है। राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद जहां एक ओर बयानबाजी और आरोपी प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है तो वहीं दूसरी ओर उनकी संपत्ति को लेकर भी चर्चा तेज है। चड्ढा का आरोप है कि उन्हें जनता के मुद्दे उठाने से रोका जा रहा है, जबकि पार्टी का कहना है कि वे असर मुद्दों भटक गए थे। इस घटनाक्रम के बीच उनके घोषित हलफनामों और वर्तमान अनुमानित संपत्ति के बीच का बड़ा अंतर चर्चा का विषय बना हुआ है।
राघव चड्ढा की संपत्ति में पिछले कुछ सालों में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखी गई है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे में उन्होंने अपनी चल संपत्ति महज 16 लाख रुपए और सालाना इनकम 2.19 लाख रुपए बताई थी। वहीं साल 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव तक यह बढ़कर लगभग 19.97 लाख रुपए हुई।
2022 में कुल कितनी आय?
2022 में राज्यसभा सांसद बनते समय उन्होंने करीब 37 लाख रुपए की चल संपत्ति घोषित की थी, जिसमें एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार, 30 हजार रुपए कैश और 6 लाख रुपए के शेयर शामिल थे। इन सभी आधिकारिक दस्तावेजों में उन्होंने अपने नाम पर किसी भी अचल संपत्ति (घर या जमीन) का जिक्र नहीं किया था।
बता दें, कभी आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले और देश के सबसे युवा सांसदों में से एक राघव चड्ढा ने पार्टी के कामकाज में खासकर पंजाब और दिल्ली में आप के कार्यकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राघव चड्ढा का जन्म 11 नवंबर 1988 को नई दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा मॉडर्न स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने 2009 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम की डिग्री हासिल की। साल 2011 में उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की परीक्षा पास की और डेलॉयट और ग्रांट थॉर्नट जैसी कंपनियों से करियर की शुरुआत की।
कैसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर
राघव चड्ढा की राजनीतिक यात्रा 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के दौरान शुरू हुई, जहां वे अरविंद केजरीवाल से जुड़े। 2012 में आम आदमी पार्टी के गठन के समय से ही वे पार्टी का सक्रिय हिस्सा रहे। 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी जीत के बाद, 26 साल की उम्र में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। अप्रैल 2018 में गृह मंत्रालय ने दिल्ली के मंत्रियों के सलाहकारों की नियुक्ति रद्द कर दी थी, जिनमें राघव चड्ढा का नाम भी शामिल था।
उन्होंने 2019 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गए। इसके एक साल बाद 2020 में उन्होंने राजेंद्र नगर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए उन्हें सह-प्रभारी नियुक्त किया, जहां 'आप' ने 117 में से 92 सीटें जीतकर जीत दर्ज की। विधायक के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही, मार्च 2022 में वे पंजाब से राज्यसभा सांसद के रूप में चुने गए।




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