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हम रोक तो सकते नहीं…पानी हम दे नहीं रहे; BJP विधायक ने दिल्ली में अवैध बोरवेल पर कर डाली ये मांग

दिल्ली विधानसभा में आज शाहदरा से भाजपा विधायक संजय गोयल ने राजधानी की कॉलोनियों में हुए अवैध बोरवेल और सबमर्सिबल का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो दिल्ली में सरकार की छवि को खराब कर रहा है।  

Fri, 27 March 2026 01:38 PMPraveen Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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हम रोक तो सकते नहीं…पानी हम दे नहीं रहे; BJP विधायक ने दिल्ली में अवैध बोरवेल पर कर डाली ये मांग

दिल्ली विधानसभा में आज शाहदरा से भाजपा विधायक संजय गोयल ने राजधानी की कॉलोनियों में हुए अवैध बोरवेल और सबमर्सिबल का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जो दिल्ली में सरकार की छवि को खराब कर रहा है। गोयल ने सरकार से सभी अवैध बोरवेल का सर्वे कराने और उसके हिसाब से पॉलिसी बनाने की मांग की है।

विधायक संजय गोयल ने बताया, ''दिल्ली में आज दो तरह के बोरवेल हैं, एक वैध बोरवेल और दूसरा अवैध बोरवेल। वैध बोरवेल में कार वाशिंग सेंटर, कार सर्विस सेंटर, होटल और बड़े-बड़े प्रतिष्ठान हैं, जो मंथली पैसे देते हैं और पैसे देकर दिल्ली में उनके बोरवेल खुलेआम चल रहे हैं। मैं समझता हूं कि दिल्ली में कम से कम ऐसे 50 हजार बोरवेल होंगे। ये वो बोरवेल हैं, जो भूजल का दोहन कर रहे हैं और पैसे देकर वैध हो जाते हैं।''

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बोरवेल के लिए पैसे मांगते हैं अधिकारी

उन्होंने आगे कहा, ''वहीं,जब कोई व्यक्ति अपना घर बनाने के लिए बोरवेल करता है, क्योंकि पानी हम दे नहीं पाते। इस वजह से जब वो बोरवेल करता है तब अधिकारी वहां पहुंच जाते हैं और उसके लिए एक से दो लाख रुपये की डिमांड की जाती है। अधिकारी को जब वह पैसा नहीं दिया जाता, तब उसे सील कर दिया जाता है। पुलिस उसका सामान उठाकर ले जाती है। उसके बाद यह मामला एसडीएम के पास चला जाता है।''

'सवाल पूछने से अधिकारियों की ईगो को हर्ट हो जाती है'

भाजपा विधायक ने कहा, ''मेरी विधानसभा में यह मामला कई बार मेरे सामने आया, जब मैंने एसडीएम महोदय से कहा आप ऐसा क्यों कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि यह तो अवैध है, एनजीटी के नियम हैं। लेकिन वो नियम तब कहां चले जाते हैं जब सेवा बस्तियों में आरओ प्लांट चलाए जाते हैं। जो भूजल दोहन करके आधा पानी ट्रीट करके नाली में बहाते हैं और आधा पानी बेचते हैं। उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती। लेकिन जब हम एक हेल्प के लिए फोन करते हैं तो पता चलता है कि इन्होंने तो हमारे साथ बदतमीजी की। हम जब बदतमीजी के वीडियो मंगाते हैं, वो निवास जब वीडियो भेजता है तब उसमें वो सिर्फ यह कहता है कि मैडम आपके बराबर में भी तो सबमर्सिबल लगा हुआ है। आप मेरे ही घर में क्यों कार्रवाई करने के लिए आए हैं। बस इतना पूछना ही हमारे अधिकारियों की ईगो को हर्ट कर देता है। वो ईगो तब कहां चली जाती है जब पैसे लेकर खुलेआम इस गोरखधंधे को चलाया जाता है।''

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'दिल्ली में लाखों की संख्या में अवैध बोरवेल लगे हुए हैं'

गोयल ने कहा कि ''मेरा आपसे एक अनुरोध है, क्योंकि आज की डेट में औसतन कम से कम हर 10 घरों में से एक में बोरवेल लगा हुआ है। क्योंकि आज 4 से 5 मंजिला मकान बने हुए हैं। मजबूरी है, उसको नहीं रोक सकते। लाखों की संख्या में दिल्ली में अवैध बोरवेल लगे हुए हैं। जो सरकार के हिसाब से अवैध हैं, लेकिन जहां पैसा मिलता है वो वैध हो जाते हैं, जहां पैसा नहीं मिलता वहां नहीं हो पाता।''

'दिल्ली में सभी बोरवेल के सर्वे कराए जाएं'

उन्होंने आगे कहा, ''ऐसे ही मेरे यहां इंडस्ट्रियल एरिया है, अब मजबूरी है कि फैक्ट्री में पानी चाहिए। दिल्ली जल बोर्ड पानी नहीं दे रहा, या तो फैक्ट्री बंद करिये या बोरवेल लगाइए। उसके लिए एक ऐसा नियम बनाना चाहिए कि आने वाले समय में मान लीजिए यदि यह एक कॉमर्शियल सेंटर से या फैक्ट्री मालिक से 10 हजार रुपये महीने लेते हैं। अगर 10 हजार बोरवेल चल रहे हैं तो एक हजार करोड़ रुपये का सरकार को रेवेन्यू मिलेगा। इससे पुलिस और एसडीएम ऑफिस के माध्यम से जो यह भ्रष्टाचार करते हैं उस पर भी रोक लगेगी और सरकार की छवि भी अच्छी होगी। हम रोक तो सकते नहीं...पानी हम दे नहीं रहे। मजबूरी है उनकी करना है। मेरा आपसे निवेदन है आने वाले समय में दिल्ली में उन सभी बोरवेल के सर्वे कराए जाएं और यह पता तो चले कि दिल्ली में कितने बोरवेल लगे हुए हैं। इसके बाद बोरवेल की संख्या के अनुपात में कुछ ऐसे निर्णय लिए जाएं जो दिल्लीवालों के लिए हितकारी हों।''

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