दिल्ली जल बोर्ड पानी की बिलिंग प्रणाली में करने जा रहा बड़ा बदलाव, मंत्री प्रवेश वर्मा ने दी पूरी जानकारी
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि जल बोर्ड ने किराड़ी और उसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर घरों में सीवर कनेक्शन देने के एक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दे दी है, जिससे लगभग 7.25 लाख निवासियों को लाभ मिलेगा।

DJB यानी दिल्ली जल बोर्ड आगामी दिनों में अपनी बिलिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली जल बोर्ड उपभोक्ताओं की प्रॉपर्टी को जियो-टैग करके और बिलिंग में अन्य सुधार करके अपनी बिलिंग व्यवस्था को पूरी तरह बदलने जा रहा है। इस बारे में आयोजित डीजेबी की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने उपभोक्ताओं को गलत और भारी-भरकम बिलों से निजात दिलाने के लिए बड़े सुधारों का ऐलान किया। इस बैठक में उन्होंने दिल्ली गेट नाले में गंदे पानी के इन-सीटू ट्रीटमेंट के लिए 71.12 करोड़ रुपए के एक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी।
बैठक के दौरान सिंह ने कहा, 'पानी की बिलिंग घरों के लिए परेशानी का एक बड़ा सबब बन गई है, इसलिए बोर्ड ने पूरे शहर में घर-घर जाकर e-KYC करने और डिजिटल डेटाबेस को अपडेट करने का एक अभियान चलाने को मंजूरी दे दी है, जिससे लगभग 35 लाख उपभोक्ताओं को लाभ होगा।'
तकनीक की मदद से की जाएगी मीटर रीडिंग
सिंह ने आगे बताया कि DJB ने टेक्नोलॉजी की मदद से मीटर रीडिंग करने की योजना बनाई है, जिसमें फोटो खींचना, सटीकता और जवाबदेही के लिए GPS टैगिंग करना और बिल की डिलीवरी का सबूत लेकर उसे सही तरीके से पहुंचाना शामिल है। जलमंत्री के अनुसार इन सुधारों को लागू करने में लगभग 60 करोड़ रुपए का खर्च होने का अनुमान है।
छह महीने में तैयार होगा वेरिफाइड डिजिटल रिकॉर्ड
आगे उन्होंने कहा कि 'यह सिर्फ एक तकनीकी अपग्रेड नहीं है, बल्कि सिस्टम में लोगों का भरोसा फिर से कायम करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। उन्होंने बताया कि छह महीने के अंदर, हर रजिस्टर्ड उपभोक्ता का एक वेरिफाइड डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाने की उम्मीद है, जिससे विवाद कम होंगे और सर्विस डिलीवरी बेहतर होगी।'
7.25 लाख निवासियों को सीवर कनेक्शन से फायदा
इसके अलावा उन्होंने कहा, 'दिल्ली के लोग अपने पानी के बिल का भुगतान करना चाहते हैं और अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। लेकिन समस्या तब आती है, जब मीटर काम नहीं कर रहा होता है, या जब बिल घरों तक समय पर नहीं पहुंचते हैं और ऐसे में अगर किसी को अचानक बढ़ा हुआ बिल मिल जाता है।' उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश इन कमियों को जमीनी स्तर पर ठीक करते हुए एक ऐसा सिस्टम बनाना है जो सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद हो।
साथ ही उन्होंने बताया कि जल बोर्ड ने किराड़ी और उसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर घरों में सीवर कनेक्शन देने के एक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है, जिससे लगभग 7.25 लाख निवासियों को लाभ मिलेगा।




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