यमुना सफाई के लिए दिल्ली को नई सौगात, ड्रेनों में उतरीं एक्सकेवेटर मशीनें; जानिए इनकी खासियतें
मुख्यमंत्रीगुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार मां यमुना और उनसे जुड़ी बड़ी ड्रेनों की सफाई के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आधुनिक मशीनों का उपयोग कर रही है ताकि यमुना को अविरल और निर्मल बनाया जा सके।

दिल्ली में यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए शहर में ड्रेनों की सफाई का काम मिशन मोड में चल रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को बडुसराय पुल, नजफगढ़ ड्रेन और पंखा रोड ड्रेन पर नई अत्याधुनिक एम्फीबियस एक्सकेवेटर मशीनों (लॉन्ग बूम और शॉर्ट बूम) को लॉन्च किया। इन मशीनों से ड्रेनों की डी-सिल्टिंग, कचरा हटाने और जलकुंभी की सफाई का काम तेजी और प्रभावी तरीके से किया जाएगा। इससे पानी की निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और बरसात में जलभराव की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के नालों की सफाई और यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का सबसे बड़ा नाला है और दिल्ली के कुल नालों से निकलने वाली लगभग 75 प्रतिशत सिल्ट इसी ड्रेन के माध्यम से आती है। उन्होंने कहा कि यहां वर्षों से जमा भारी मात्रा में सिल्ट जमा है और उसे निकालना पहले बेहद कठिन कार्य माना जाता था। लेकिन अब इन आधुनिक फ्लोटिंग मशीनों के माध्यम से यह संभव हो पा रहा है। ये मशीनें ड्रेन के बीचोंबीच जाकर सिल्ट को निकाल सकती हैं, जिससे लंबे समय से जमा गाद को हटाने की प्रक्रिया तेज होगी।
अब दिल्ली में सालभर नालों से निकाली जाएगी गाद
सीएम ने बताया कि अनुमान के मुताबिक नजफगढ़ ड्रेन में करीब एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट जमा है। इसे हटाने के लिए इन आधुनिक एम्फीबियस मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने और भी एम्फीबियस मशीनें खरीदने का भी निर्णय किया है। इनमें से एक मशीन पहले ही लाई जा चुकी थी, जबकि आज चार नई मशीनों का जलावतरण किया गया। बाकी मशीनें भी जल्द ही विभाग को सौंप दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अब केवल मॉनसून से पहले ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष नालों की डी-सिल्टिंग का कार्य कर रही है ताकि बारिश के समय जलभराव की समस्या को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
एम्फीबियस एक्सकेवेटर मशीनों की विशेषताएं
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से ये मशीनें बडुसराय पुल, काकरोला, द्वारका, उत्तम नगर समेत कई स्थानों पर तैनात की गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इन मशीनों से सालभर ड्रेनों की डी-सिल्टिंग जारी रहे, ताकि मॉनसून में जलभराव की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
शॉर्ट बूम एम्फीबियस मशीन की विशेषता
शॉर्ट बूम एम्फीबियस मशीन की लागत लगभग 1.27 करोड़ रुपए है। इसमें करीब 6 मीटर लंबा बूम, 0.20 घन मीटर बकेट क्षमता और 65 एचपी इंजन है। यह मशीन 5 मीटर चौड़े संकरे ड्रेन में भी चल सकती है और ड्रेन के अंदर ही काम करने में सक्षम है। इसमें 2.25 घन मीटर क्षमता का डस्ट बिन होता है। यह मशीन सूखी, दलदली और पानी भरी परिस्थितियों में काम करते हुए सिल्ट, कचरा, मलबा, स्लज और जलकुंभी जैसी तैरती सामग्री हटाने में सक्षम है।
लॉन्ग बूम एम्फीबियस मशीन की विशेषता
इसके अलावा लॉन्ग बूम एम्फीबियस मशीन की लागत लगभग 3.15 करोड़ रुपए है। इसमें करीब 15 मीटर लंबा बूम, 0.50 घन मीटर बकेट क्षमता और 135 एचपी इंजन है। यह मशीन करीब 9 मीटर गहराई तक काम कर सकती है और ड्रेन के अंदर तथा जमीन दोनों पर चल सकती है। यह भी सूखी, दलदली और जलमग्न परिस्थितियों में काम करते हुए सिल्ट, कचरा, मलबा और जलकुंभी हटाने में बेहद प्रभावी है।
प्रवेश वर्मा ने बताया क्या होगा इन मशीनों से फायदा
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि नजफगढ़ ड्रेन और उससे जुड़ी प्रमुख ड्रेनों की सफाई के लिए अत्याधुनिक एम्फीबियस मशीनों का उपयोग दिल्ली सरकार के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इन आधुनिक मशीनों की मदद से वर्षों से जमा सिल्ट, कचरा और जलकुंभी को प्रभावी ढंग से हटाया जा सकेगा, जिससे ड्रेनों की जल प्रवाह क्षमता बढ़ेगी और बरसात के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से यमुना और उससे जुड़ी ड्रेनों की सफाई के लिए निरंतर प्रयास कर रही है ताकि दिल्ली को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर जल निकासी व्यवस्था वाला शहर बनाया जा सके।




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