75 दिन के भीतर भरना होगा गाड़ी का चालान, दिल्ली सरकार लागू करने जा रही नया इंतजाम
दिल्ली सरकार ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसके तहत नियम उल्लंघन करने वालों को अधिकतम 75 दिन के भीतर चालान भरना होगा या अदालत में इसे चुनौती देनी होगी।

राजधानी में गाड़ियों के ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए दिल्ली सरकार नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। इसके तहत नियम उल्लंघन करने वालों को अधिकतम 75 दिन के भीतर चालान भरना होगा या अदालत में इसे चुनौती देनी होगी। चुनौती देने के लिए भी चालान की आधी राशि अदालत में जमा करानी होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में किए गए संशोधनों को दिल्ली सरकार जल्द लागू करने जा रही है। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति एक वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे गंभीर श्रेणी में माना जाएगा। ऐसे व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। सभी वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने लाइसेंस और आरसी पर अपना मोबाइल नंबर और घर का पता सही दर्ज करवा लें, वरना उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई प्रणाली पूरी तरह डिजिटल, समयबद्ध और जवाबदेही तय करने वाली है। इससे न केवल ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
समयसीमा चूकने पर सख्त कार्रवाई
समयसीमा पार होने के बाद हर दिन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नोटिस भेजे जाएंगे। अगर चालान का भुगतान नहीं किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के वाहन संबंधी टैक्स देने के अलावा ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण से जुड़े सभी कार्य रोक दिए जाएंगे। वाहन को पोर्टल पर ‘नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड’ के रूप में चिन्हित कर दिया जाएगा, जिससे वह किसी भी प्रकार की प्रक्रिया में इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
ऐसी होगी नई व्यवस्था
● ट्रैफिक पुलिस की ओर से मैसेज एवं नोटिस के माध्यम से उल्लंघन का चालान भेजा जाएगा
● ऑनलाइन चालान तीन दिनों के भीतर और फिजिकल नोटिस 15 दिनों के भीतर पहुंचा दिए जाएंगे
● चालान मिलने के 45 दिनों में इसे जमा करने या दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ शिकायत निवारण अधिकारी के सामने चुनौती दे सकेंगे
● अगर 45 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती तो चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा
● अगले 30 दिनों के भीतर चालान का भुगतान करना अनिवार्य होगा
● अगर प्राधिकरण द्वारा चुनौती खारिज कर दी जाती है तो उक्त व्यक्ति अधिकत्तम 30 दिनों के भीतर चालान भर सकता है
● अगर व्यक्ति संतुष्ट नहीं है तो चालान की राशि का 50 प्रतिशत जमा कर न्यायालय में मामला ले जा सकता है
● 30 दिन के भीतर शिकायत निवारण अधिकारी पोर्टल पर अपना आदेश अपलोड करेगा




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