Delhi strict traffic rules driving licenses will be suspended if you violate rules five times दिल्ली में ट्रैफिक के सख्त नियम, साल में 5 बार किया उल्लंघन तो सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली में ट्रैफिक के सख्त नियम, साल में 5 बार किया उल्लंघन तो सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए सरकार एक नई, तय समय में पूरी होने वाली और व्यवस्थित प्रक्रिया शुरू कर रही है। सड़कों पर अब लापरवाही और नियमों की अनदेखी के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।

Sun, 3 May 2026 03:31 PMAditi Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में ट्रैफिक के सख्त नियम, साल में 5 बार किया उल्लंघन  तो सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब ट्रैफिक चालान निपटाने के लिए सरकार एक नई, तय समय में पूरी होने वाली और व्यवस्थित प्रक्रिया शुरू कर रही है। सड़कों पर अब लापरवाही और नियमों की अनदेखी के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक चालान से बचना अब संभव नहीं होगा और तय समय में उसका निपटारा करना हर नागरिक के लिए जरूरी होगा। यह कदम सड़क सुरक्षा बढ़ाने, अनुशासन लाने और डिजिटल पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा बदलाव है। नए नियमों के अनुसार चालान को चुनौती देने के लिए सीधे कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया जा सकेगा।

बार-बार उल्लंघन पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में किए गए संशोधनों को जल्द लागू करने जा रही है। अब चालान की पूरी प्रक्रिया को अधिक सख्त, पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब अगर कोई शख्स एक साल के भीतर 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे गंभीर श्रेणी में माना जाएगा। संशोधित नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक वर्ष में पांच या उससे अधिक ट्रैफिक उल्लंघन करता है तो यह उसके ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या अयोग्यता के लिए आधार बनेगा।

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चालान जारी करने की आधुनिक व्यवस्था

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब चालान जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह आधुनिक होगी। पुलिस अधिकारी या अधिकृत अधिकारी चालान को फिजिकल या इलेक्ट्रॉनिक दोनों रूपों में जारी कर सकेंगे। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली यानी कैमरों और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से चालान स्वतः भी जनरेट किए जा सकेंगे। जिनका चालान कटा है और उनका मोबाइल नंबर विभाग के पास है, उन्हें ऑनलाइन चालान तीन दिनों के भीतर और फिजिकल नोटिस 15 दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति तक पहुंचा दिए जाएंगे। सभी चालानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर क्रमवार दर्ज किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी। विभाग की सभी वाहन चालकों को सलाह है कि वे अपने लाइसेंस और आरसी पर अपना मोबाइल नंबर और घर का पता दुरस्त करवा लें, वरना उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

45 दिन का समय: भुगतान या चुनौती

मुख्यमंत्री ने बताया कि चालान मिलने के बाद व्यक्ति के पास 45 दिनों का समय होगा। इस अवधि में वह या तो चालान का भुगतान कर सकता है या फिर पोर्टल पर दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ शिकायत निवारण अधिकारी के सामने उसे चुनौती दे सकता है। अगर 45 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती तो चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को अगले 30 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा अगर प्राधिकरण द्वारा चुनौती खारिज कर दी जाती है तो व्यक्ति के पास दो विकल्प होंगे, या तो वह 30 दिनों के भीतर चालान भर दे या फिर चालान की राशि का 50 प्रतिशत जमा कर न्यायालय में मामला ले जाए। अगर इस समयसीमा में वह कार्रवाई नहीं करता है तो चालान स्वीकार माना जाएगा और उसे 15 दिन के भीतर भुगतान करना होगा। उसके पास इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भुगतान का विकल्प होगा। नई व्यवस्था के तहत 30 दिन के भीतर शिकायत निवारण अधिकारी पोर्टल पर अपना आदेश अपलोड करेगा। यह अनिवार्य है।

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समयसीमा चूकने पर सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इसके अलावा, समयसीमा पार होने के बाद हर दिन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नोटिस भेजे जाएंगे। अगर चालान का भुगतान नहीं किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के सरकार को वाहन संबंधी टैक्स देने के अलावा ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन पंजीकरण से जुड़े सभी कार्य रोक दिए जाएंगे। वाहन को पोर्टल पर ‘नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड’ के रूप में चिन्हित कर दिया जाएगा, जिससे वह किसी भी प्रकार की प्रक्रिया में इस्तेमाल नहीं हो सकेगा, जब तक चालान का भुगतान नहीं किया जाता। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि आवश्यक होने पर, न्यायालय के आदेश के अधीन पुलिस या अधिकृत अधिकारी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन को जब्त भी कर सकते हैं। अब सभी चालान वाहन के रजिस्टर्ड मालिक के नाम पर जारी किए जाएंगे और इसके साथ एसएमएस, ईमेल या अन्य माध्यमों से अपराध की सूचना भी दी जाएगी।

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डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई प्रणाली पूरी तरह डिजिटल, समयबद्ध और जवाबदेही तय करने वाली है। इससे न केवल ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें, समय पर चालान का निपटारा करें और सुरक्षित व जिम्मेदार नागरिक बनें।

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