दिल्ली-आगरा हाईवे पर होगा AI का पहरा, तीसरी आंख से नहीं बचेगा कोई गुनाह; सीधे मोबाइल पर पहुंचेंगे चालान
दिल्ली-आगरा हाईवे पर यात्रा करने वालों के लिए यह एक बड़ा अपडेट है। अब नियम तोड़ना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। एनएचएआई हाईवे पर एआई वाले कैमरे लगाने जा रहा है। ये कैमरे न केवल फोटो खींचेंगे बल्कि बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरस्पीडिंग जैसी गलतियों को खुद ही डिटेक्ट कर लेंगे।

दिल्ली-आगरा हाईवे का सफर अब बहुत जल्द और सुरक्षित होने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा फरीदाबाद में आगरा हाईवे पर आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू हो गया है। इससे सड़क सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी। एनएचएआई द्वारा एआई वाले कैमरे लगाने से पहले इसके लिए आधारभूत ढांचा खड़ा करने का काम जा रहा है।
अधिक दुर्घटनाएं वाले स्थानों पर लगेंगे कैमरे
हाईवे को सुरक्षित बनाने के लिए एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) योजना के तहत यहां पर एआई से लैस लगाए जाएंगे। करीब एक किलोमीटर की दूरी पर आधारभूत ढांचे के तहत खंभे खड़े किए जा रहे हैं। यहां पर दिन रात काम करने वाले कैमरे लगेंगे। इनकी की क्षमता कम से कम 100 मीटर रेंज होगी। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिन स्थानों पर दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं, वहां पर ये कैमरे लगाए जाएंगे।
6 महीने तक सुरक्षित रखी जाएगी वीडियो फुटेज
इन कैमरों की वीडियो फुटेज को 180 दिन तक सुरक्षित रखा जाएगा। ये कैमरे टक्कर मारकर फरार होने वाले वाहन चालकों की पहचान भी करेंगे। कैमरों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी बनेगा। 15 कैमरों पर एक ऑपरेटर नजर रखेगा। इन कैमरों की खासियत यह होगी कि जैसे ही हाईवे पर कोई लावारिस पशु या वाहन भिड़ते हैं तो कंट्रोल रूम की स्क्रीन हाईलाइट हो जाएगी। कर्मचारी मौके पर क्रेन, एंबुलेंस भेजकर मदद कर सकेंगे।
घायलों की तुरंत मदद का दावा
अभी तक कोई भी दुर्घटना होती है तो पीड़ित पहले पुलिस को बताता है या एनएचएआई के कंट्रोल रूम-1033 पर फोन कॉल करता है। इसके बाद 1033 के कर्मचारी मदद के लिए वाहन या एंबुलेंस रवाना करते हैं। अब नई व्यवस्था से कैमरे से ही हादसे का पता चल जाएगा। कंट्रोल रूम में बैठे कर्मी घायलों की मदद के लिए एंबुलेंस, क्रेन रवाना कर देंगे। वहीं पुलिस को भी हादसे के बारे में सूचित किया जाएगा।
नियम तोड़ने वालों को चालान भेजे जाएंगे
दिल्ली-आगरा हाईवे पर दुर्घटना होने पर घायलों की मदद के अलावा ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के फोन और घरों पर चालान भी भेजे जाएंगे। कंट्रोल रूम में बैठकर ही चालान किए जा सकेंगे। ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी कंट्रोल रूम में बैठेंगे। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली से आगरा तक करीब 500 के आस-पास कैमरे लगाए जाएंगे।
धीरज सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, ''एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए आधारभूत ढांचा खड़ा किया जा रहा है।''




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