दिल्ली में मेट्रो के मेगा विस्तार से गांवों तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी, ये होंगे नए कॉरिडोर
Delhi Metro Extension: दिल्ली मेट्रो फेज पांच बी की मेट्रो परियोजनाओं पर अमल होने के बाद दिल्ली के दूर दराज व ग्रामीण क्षेत्रों में मेट्रो का नेटवर्क बढ़ेगा। कुल सात नए कॉरिडोर बनने हैं, जिनमें 2029 तक चार कॉरिडोर बनेंगे।

Delhi Metro Mega Extension: दिल्ली में मेट्रो निर्माण के फेज पांच बी में सात नए कॉरिडोर बनेंगे। इसकी लंबाई 97.158 किलोमीटर होगी और इसमें 65 नए स्टेशन बनेंगे। इनमें से 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। फेज पांच बी की मेट्रो परियोजनाओं पर अमल होने के बाद दिल्ली के दूर दराज व ग्रामीण क्षेत्रों में मेट्रो का नेटवर्क बढ़ेगा। साथ ही गुरुग्राम से नरेला तक मेट्रो से आवागमन की सुविधा बेहतर हो जाएगी।
2029 तक बनेंगे चार कॉरिडोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के 32वें स्थापना दिवस पर इसका ऐलान किया। इन पर 48,204.56 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इनमें से चार कॉरिडोर प्रमुखता के आधार पर वर्ष 2029 तक बनाए जाएंगे।
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क 576 KM से ज्यादा होगा
नरेला उपनगरी परियोजना के विकास को भी इससे रफ्तार मिलेगी। साथ ही परियोजना पूरी होने पर दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 576.074 किलोमीटर हो जाएगा। मौजूदा समय में नजफगढ़ व नांगलोई के बीच आवागमन की सुविधा बेहतर नहीं है। ढांसा बस स्टैंड नजफगढ़ से नांगलोई के बीच मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण होने से आवागमन की सुविधा बेहतर हो जाएगी। साथ रणहौला, बक्करवाला, बापरोला, दिचाऊं कलां जैसे ग्रामीण क्षेत्र मेट्रो से जुड़ जाएंगे। समयपुर बादली-नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स कॉरिडोर येलो लाइन की विस्तार परियोजना होने के कारण इससे गुरुग्राम से नरेला तक मेट्रो सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
सिरसपुर, खेड़ा कलां, होलंबी कलां, अलीपुर, शाहपुर गढ़ी इत्यादि ग्रामीण इलाके भी मेट्रो से जुड़ जाएंगे। सिरसपुर में दिल्ली सरकार का बड़ा अस्पताल भी बन रहा है। इससे मरीजों को भी फायदा होगा। केंद्रीय सचिवालय-किशनगढ़ कॉरिडोर बनने से मध्य दिल्ली को फायदा होगा। वहीं, जोर बाग-मीठापुर कॉरिडोर बनने से मध्य व दक्षिणी दिल्ली को फायदा होगा। शास्त्री पार्क-मयूर विहार फेज तीन कॉरिडोर से यमुना पार में मेट्रो का नेटवर्क बढ़ेगा।
अभी फेज चार की 88.375 किलोमीटर नेटवर्क निर्माणाधीन है। वहीं फेज पांच ए में 16.075 किलोमीटर के तीन कॉरिडोर बनाने की पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है।
पहला: ढांसा बस स्टैंड नजफगढ़-नांगलोई
समयपुर बादली से नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक 12.89 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा, जो यलो लाइन की विस्तार परियोजना होगी। इस पर आठ स्टेशन होंगे। सिरसपुर व नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इंटरचेंज स्टेशन होंगे।
दूसरा: केंद्रीय सचिवालय-किशनगढ़
केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़ के बीच 15.969 किलोमीटर का काॅरिडोर बनेगा। इसका 13.721 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत और 2.248 किलोमीटर एलिवेटेड होगा। इसके 10 स्टेशन में से नौ स्टेशन भूमिगत और एक एलिवेटेड स्टेशन होगा।
तीसरा: समयपुर बादली-नरेला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
ढांसा बस स्टैंड नजफगढ़ से नांगलोई तक 11.859 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर पर नौ स्टेशन होंगे। इसमें नरेश पार्क एक्सटेंशन, रणहौला, बक्करवाला, बापरोला, दिचाऊं कलां और नजफगढ़ एक्सटेंशन शामिल होगा।
चौथा : कीर्ति नगर से पालम तक
कीर्ति नगर से पालम तक 9.967 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर बनेगा। 8.397 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत और 1.57 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्सा होगा। इसके छह स्टेशनों में से पांच भूमिगत और एक एलिवेटेड स्टेशन होगा।
पांचवां: जोर बाग से मीठापुर तक
जोर बाग से मीठापुर तक 16.991 किलोमीटर लंबा एक नया कॉरिडोर बनेगा। इसका 12.275 किलोमीटर भूमिगत और 4.716 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा और 12 स्टेशन होंगे। इनमें सात भूमिगत और पांच एलिवेटेड स्टेशन होंगे।
छठा: शास्त्री पार्क-मयूर विहार फेज तीन
शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज तीन के बीच 13.197 किलोमीटर का कॉरिडोर बनेगा, जिसमें 8.99 किलोमीटर भूमिगत और 4.207 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा। इस पर प्रस्तावित आठ स्टेशन में से तीन भूमिगत और पांच एलिवेटेड होंगे। इस कॉरिडोर पर शास्त्री पार्क, निर्माण विहार व त्रिलोकपुरी इंटरचेंज स्टेशन होंगे।
सातवां: केशवपुरम-रोहिणी सेक्टर-34
केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक 16.285 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इस पर 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। वेस्ट शालीमार बाग, ईस्ट पीतमपुरा, रोहिणी सेक्टर-16 और रोहिणी सेक्टर-29 जैसे क्षेत्र को जोड़ेगा।




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