विदेशी कॉल को लोकल बना सरकार को लगा रहे थे करोड़ों का चूना, नोएडा में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज पकड़ी
नोएडा के फेज-2 (NSEZ) क्षेत्र में चल रहे एक अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी नजीबुल्हा और उसके साथी विदेशी कॉल्स को इंटरनेट के जरिये 'लोकल कॉल' में बदलकर सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रहे थे।

यूपी पुलिस के एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने नोएडा फेज-2 थाना क्षेत्र में चल रहे एक अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है। एटीएस टीम के प्रभारी ने इस मामले में फेज-2 थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने सर्वर और इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल कर अवैध गतिविधियां चलाने वाले आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
एटीएस टीम के सब-इंस्पेक्टर राजेश यादव की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया है कि एनएसईजेड क्षेत्र स्थित एक कंपनी डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विस उपलब्ध कराती है। इसी कंपनी के माध्यम से सर्वर और इंटरनेट कनेक्शन लेकर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि 14 नवंबर 2025 को कंपनी के सेल्स कर्मचारी विजेंद्र कुमार चंचल को एक्सलो टेक्नोलॉजी ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी की ओर से सर्वर और कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए ई-मेल भेजा गया था।
नजीबुल्हा नाम के व्यक्ति से 21 और 22 नवंबर को बातचीत हुई और उसने सर्वर के लिए परचेज ऑर्डर भेजा। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 फरवरी 2026 को 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया। भुगतान मिलने के बाद कंपनी की आईटी टीम ने संबंधित सर्वर को एक्टिव कर दिया और उसे क्लाइंट को सौंप दिया। यहीं से इस पूरे नेटवर्क की शुरुआत हुई। जांच में पता चला कि 23 फरवरी को नजीबुल्हा ने जियो डिजिटल के जरिये 500 चैनल वाला स्टेटिक आईपी कनेक्शन लिया। इसके बाद सर्वर के साथ कई तकनीकी सेटअप किए गए।
नजीबुल्हा दूर बैठकर ऑपरेट कर रहा था पूरा सर्वर
शुरुआत में 16 कनेक्शन चालू किए गए थे। आईटी टीम ने सर्वर पर रिमोट एक्सेस, डेटा इन-आउट और इंटरनेट सुविधा के साथ जियो कनेक्शन की तीन केबल भी जोड़ दी थीं। पूरा सर्वर नजीबुल्हा दूर बैठकर यानी रिमोटली ऑपरेट कर रहा था। इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए वह और उसके साथी अवैध टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे थे। इस अवैध एक्सचेंज के जरिये अंतरराष्ट्रीय कॉल को घरेलू कॉल में बदला जा रहा था यानी विदेश से आने वाली कॉल को इंटरनेट के जरिये भारत में लोकल कॉल की तरह दिखाया जा रहा था। ऐसा करने से इंटरनेशनल लॉन्ग डिस्टेंस (आईएलडी) गेटवे को पूरी तरह बायपास किया जा रहा था। इस मामले में नजीबुल्हा और कई अज्ञात के खिलाफ तीन धाराओं में केस दर्ज हुआ है। अभी तक मुख्य आरोपी नजीबुल्हा और अन्य की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
सरकार को लाखों का नुकसान पहुंचाया
इस तरह की गतिविधि से सरकार को भारी राजस्व का नुकसान होता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कॉल पर लगने वाले टैक्स और शुल्क से बचा जाता है। साथ ही यह देश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा माना जाता है। इस माध्यम से अपराधी अपनी पहचान छिपाकर आसानी से संपर्क कर सकते हैं। एटीएस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का इस्तेमाल अक्सर साइबर अपराध, ठगी, फर्जी कॉल सेंटर और अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क में किया जाता है। इसलिए इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क से जुड़े मुख्य आरोपी नजीबुल्हा और उसके अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध एक्सचेंज का इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में किया गया और इससे देश को कितना आर्थिक नुकसान हुआ।




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