नोएडा में गे डेटिंग ऐप से फंसाकर 60 से अधिक युवकों को लूटने वाले गैंग का भंडाफोड़, सरगना समेत 3 दबोचे
नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो Grindr ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को सुनसान जगह बुलाते और कार में बंधक बनाकर लूट लेते थे। सरगना शिवम झा ने अब तक 60 से ज्यादा शिकार बनाए हैं। पुलिस ने इनके पास से बिना नंबर की कार और मोबाइल बरामद किए हैं।

नोएडा सेक्टर-113 थाने की पुलिस ने डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को फंसाकर उनसे ठगी और लूट करने वाले गिरोह का सोमवार को पर्दाफाश कर सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के सदस्यों ने अब तक 60 से अधिक वारदात की हैं। सरगना के खिलाफ आठ केस दर्ज हैं।
एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवम झा, सागर ठाकुर और कमल के रूप में हुई। तीनों को सेक्टर-76 से पकड़ा गया। ये सभी आरोपी मिलकर एक संगठित गैंग के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन डेटिंग ऐप (ग्राइंडर) का इस्तेमाल करते थे। सबसे पहले वे ऐप पर अपनी फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करते। इसके बाद उन्हें मिलने के लिए किसी सुनसान या तय स्थान पर बुलाते।
पीड़ित जब मिलने आता, तो आरोपी उसे अपनी कार में बैठा लेते। कार में बैठाने के बाद आरोपी पीड़ित को डराते-धमकाते और उसके साथ मारपीट करते। फिर उससे जबरन ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करवा लेते। कई मामलों में ये लोग पीड़ित का मोबाइल और अन्य सामान भी छीन लेते। वारदात के समय आरोपी जिस कार का इस्तेमाल करते थे, उसकी नंबर प्लेट हटा देते, ताकि उनकी पहचान न हो सके। आरोपियों के पास से 30 हजार रुपये, चार मोबाइल फोन, एक बिना नंबर प्लेट की कार, एक सोने की चेन और कार की दो नंबर प्लेट बरामद हुई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गैंग में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उन्होंने किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पीड़ित से एक लाख रुपये ट्रांसफर कराए
जिस केस में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, उसमें आरोपियों ने एक युवक को सेक्टर-76 में मिलने के लिए बुलाया था। पीड़ित ने खुद को इंजीनियर बताया था। मिलने के बाद तीनों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और करीब एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित के गले की चेन भी आरोपियों ने छीनी। आरोपियों ने इन रुपये में से करीब 55 हजार रुपये का मोबाइल फोन खरीद लिया और लगभग 13 हजार रुपये शराब में खर्च कर दिए गए। बाकी रुपये आरोपी अपने पास रखे हुए थे, जिनमें से 30 हजार रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए।
नोएडा में किराये के कमरे में रहते थे तीनों
सभी आरोपी नोएडा के सेक्टर-51 इलाके में रह रहे थे। गिरोह का सरगना मूलरूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला है। वर्तमान में वह होशियारपुर गांव में किराये का कमरा लेकर रह रहा था। आरोपी सागर भी दरभंगा का ही रहने वाला है। कमल उत्तराखंड के अल्मोड़ा का निवासी है। सरगना और सागर पहले से ही एक दूसरे को जानते हैं। दोनों की कमल से मुलाकात नोएडा में हुई।
तीन साल से वारदात कर रहे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह तीन वर्ष से घटनाओं को अंजाम दे रहा था। शिवम झा इस गैंग का मुख्य आरोपी और सरगना है। वह पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिवम झा ने करीब डेढ़ महीने पहले एक कार खरीदी थी, जिसका इस्तेमाल इस गैंग द्वारा वारदात करने में किया जाता था।
आरोपी आठवीं से दसवीं पास
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया है कि वे लगातार डेटिंग ऐप के जरिए नए-नए लोगों को निशाना बना रहे थे। गैंग कई और मामले सामने आ सकते हैं। तीनों आरोपी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं और आठवीं से दसवीं तक ही पढ़ाई की है। इसके बावजूद उन्होंने तकनीक का गलत इस्तेमाल कर लोगों को ठगा।




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