दांतों की डॉक्टरी पढ़ रहा छात्र सोशल मीडिया पर चला रहा था ISIS का प्रोपेगेंडा, ATS ने दबोचा
एटीएस ने मुरादाबाद से बीडीएस छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर आईएसआईएस का आईएसआईएस का प्रोपेगेंडा चला रहा था। आरोपी छात्र मुरादाबाद में रहकर दांतों के डॉक्टर पढ़ाई कर रहा था।

यूपी एटीएस ने देश के खिलाफ साजिश रच रही आईएसआईएस से जुड़े एक छात्र को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर आईएसआईएस का आईएसआईएस का प्रोपेगेंडा चला रहा था। सहारनपुर का निवासी हारिस मुरादाबाद के एक निजी मेडिकल कालेज से बीडीएस कर रहा था। वह आईएसआईएस के आनलाइन माड्यूल से जुड़कर युवकों को फिदायीन हमलों के लिए भी उकसा रहा था। मामले में कुछ अन्य संदिग्ध युवकों की भूमिका को लेकर छानबीन की जा रही है।
एटीएस के अनुसार आतंकी माड्यूल के जरिए जिहाद की विचारधारा तथा भारत समेत पूरे विश्व में शरिया आधारित खिलाफत व्यवस्था को स्थापित करने के उद्देश्य से इंस्टाग्राम तथा इनक्रिप्टेड एप सेशन व डिसकार्ड पर ग्रुप बनाकर युवकों को जोड़ा गया है। एटीएस ने इसकी सूचना पर गोपनीय जांच की और गंभीर तथ्य सामने आने पर लखनऊ स्थित एटीएस थाने में यूपीए एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके तहत एटीएस ने नामजद आरोपित मोहल्ला मानक मऊ, सहारनपुर निवासी हारिस अली को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया।
छद्म नामों से बनाए ग्रुप, करा रहा था रिक्रूटमेंट
जांच में पुष्टि हुई कि हारिस आईएसआईएस माड्यूल के हैंडलरों के सीधे संपर्क में था। वह आतंकी संगठन से जुड़े अन्य मुजाहिद युवकों के साथ जुड़कर देश विरोधी गतिविधियों व षड्यंत्र में शामिल था। हारिस ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर छद्म नामों से अपने अकाउंट बना रखे थे। खासकर इंस्टाग्राम इनक्रिप्टेड एप सेशन व डिसकार्ड पर फर्जी नामों से वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के माध्यम से आईएसआईएस समर्थित ग्रुप बनाए थे और उसमें अन्य युवकों को जोड़कर उन्हें जिहाद के लिए उकसाया जा रहा था। इन ग्रुप के माध्यम से कट्टरपंथी युवकों को आईएसआईएस में रिक्रूट किया जा रहा था।
पाकिस्तानी हैंडलरों से भी था संपर्क
हारिस ग्रुपों में आईएसआईएस की मीडिया चैनलों की पत्रिकाओं, प्रचार-प्रसार की सामग्रियों, इसकी सैद्धांतिक आतंकी विचारधाराओं व इसके मारे गए आतंकियों के चित्र, वीडियो व आडियो, कुख्यात आतंकियों के बयानों को महिमा मंडित करते हुए साझा किया जाता था। उसका नेटवर्क भारत के साथ-साथ पाकिस्तान तथा विदेश के अन्य आईएसआईएस हैडलरों से भी जुड़ा था।
बनाया अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन
एटीएस के अनुसार देश में आईएसआईएस के आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए हारिस ने अपना एक अलग ग्रुप अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन भी बनाया था। वह आईएसआईएस की मीडिया व न्यूज चैनल अल-नाबा तथा उसकी प्रोपेगेंडा मैगजीन दबिक्क का अनुसरण करता था। हारिस ने स्वीकार किया कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता है। वह ग्रुपों के माध्यम से लोगों को फिदायीन हमले करने के लिए उकसाता था।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता था
पकड़ा गया छात्र मारे गए आतंकियों के फोटो, वीडियो और ऑडियो के साथ आतंकी भाषण और प्रचार सामग्री भी पोस्ट की जाती थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता और शरिया कानून लागू कर खिलाफत व्यवस्था स्थापित करना चाहता था। इसके लिए वह ग्रुप्स में लोगों को फिदायीन हमले करने के लिए प्रेरित करता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का संपर्क भारत के अलावा पाकस्तिान और अन्य देशों में मौजूद आईएसआईएस हैंडलरों से भी था।




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