दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा UER-2, अलीपुर से ट्रॉनिका सिटी तक विस्तार के लिए सर्वे शुरू
दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर)-2 के अलीपुर से ट्रॉनिका सिटी तक विस्तार के लिए सर्वे शुरू हो गया है। यह रोड ट्रॉनिका सिटी में आकर दिल्ली-देहरादून हाईवे से जुड़ेगा। एनएचएआई ने सर्वे कर रहे सलाहकार से यूईआर-2 विस्तार के अलाइनमेंट के तीन विकल्प मांगे हैं।

दिल्ली में अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर)-2 के अलीपुर से ट्रॉनिका सिटी तक विस्तार के लिए सर्वे शुरू हो गया है। यह रोड ट्रॉनिका सिटी में आकर दिल्ली-देहरादून हाईवे से जुड़ेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने सर्वे कर रहे सलाहकार से यूईआर-2 विस्तार के अलाइनमेंट के तीन विकल्प मांगे हैं, ताकि सबसे उचित विकल्प पर काम किया जा सके। इसके बनने से अलीपुर से ट्रॉनिका सिटी पर दिल्ली-देहरादून हाईवे तक पहुंचने में 10 मिनट लगेंगे।
जमीन का होगा अधिग्रहण
एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि यूईआर-2 विस्तार के तहत अलीपुर से ट्रॉनिका सिटी तक करीब 17 किलोमीटर लंबा रोड बनेगा। उन्होंने बताया कि इसे जमीन अधिग्रहण करके बनाया जाएगा। कोई मौजूदा रोड इस तरह का नहीं है, जिसे यूईआर-2 के विस्तार का हिस्सा बनाया जा सके।
पीएम मोदी ने पिछले साल किया था उद्घाटन
बता दें कि, पिछले साल अगस्त महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11000 करोड़ रुपये की लागत से बने द्वारका एक्सप्रेसवे के दिल्ली खंड और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) का उद्घाटन किया था, जिका मकसद दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में यातायात के दबाव को कम करना था।
दिल्ली में यातायात की सूरत बदलने और बाहरी दिल्ली को जाम के झंझट से पूरी तरह मुक्त करने के लिए बना अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 न केवल दिल्ली बल्कि हरियाणा और पंजाब से आने वाले यात्रियों के लिए भी फायदेमंद साबित हो रहा है।
प्रमुख विशेषताएं और लाभ
यह प्रोजेक्ट दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके चालू होने से यात्रियों को निम्नलिखित बड़े फायदे मिल हैं।
समय की भारी बचत : अलीपुर (NH-1) से आईजीआई एयरपोर्ट (Terminal 3) तक का सफर जो पहले 2 घंटे में तय होता था, वह अब मात्र 20 से 25 मिनट में पूरा किया जा सकता है
कनेक्टिविटी : यह रोड NH-1 को द्वारका एक्सप्रेसवे, नजफगढ़, रोहिणी और बवाना के रास्ते सीधा NH-8 और NH-10 से जोड़ती है।
जाम से राहत : इसके शुरू होने से धौला कुआं, रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर वाहनों का दबाव काफी कम हो गया है, जिससे प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आई है।
विशेष बात : UER-2 को 'ईको-फ्रेंडली' तरीके से बनाया गया है। इसके निर्माण में दिल्ली के लैंडफिल साइट्स (गाजीपुर और भलस्वा) से निकले लाखों टन कचरे का इस्तेमाल किया गया है, जो प्रधानमंत्री के 'वेस्ट-टू-वेल्थ' विजन का एक उदाहरण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रोड के चालू होने से पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में रियल एस्टेट सेक्टर को भी काफी मजबूती मिली है। इसके साथ ही, पंजाब और हरियाणा से जयपुर या मुंबई जाने वाले भारी वाहनों को अब दिल्ली के अंदर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं रही।




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