दिल्ली पुलिस ने चलती बस से चोरी करने वाले गुजराती गिरोह को पकड़ा, उनका अनोखा तरीका कर देगा हैरान
मामले की जानकारी देते हुए DCP (सेंट्रल) अनंत मित्तल ने कहा, 'आरोपी महिला ने मंगोलपुरी इलाके के रहने वाले एक ज्वैलर दयाल पोद्दार (42) को सोने की दो चूड़ियां बेची थीं, जिसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से 14.250 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद कर लिया।'

राजधानी दिल्ली की भीड़भाड़ वाली डीटीसी बस में एक यात्री के बैग से सोने-चांदी के गहने और एक लाख रुपए से ज्यादा की नकदी चोरी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि चोरी की यह वारदात 5 फरवरी को उस समय हुई थी, जब विकास कुमार नाम का शख्स डीटीसी की बस से झंडेवालान जा रहा था, इसी बीच अज्ञात लोगों ने उसका बैग काटकर उसमें रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी चुरा ली थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दैयोदिया दीपूभाई (43), अभिषेक (24) और एक 34 साल की महिला के रूप में हुई है, जिसमें से दीपूभाई ही इस गैंग का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने बताया कि ये तीनों आरोपी गुजरात के भावनगर के रहने वाले हैं और विशेष रूप से चोरी करने के इरादे से दिल्ली आए थे।
मामले की जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल) अनंत मित्तल ने कहा, 'आरोपी महिला ने मंगोलपुरी इलाके के रहने वाले एक ज्वैलर दयाल पोद्दार (42) को सोने की दो चूड़ियां बेची थीं, जिसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से 14.250 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद किया है।'
आरोपियों को मंगोलपुरी इलाके से दबोचा
आगे उन्होंने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने DTC बस के फुटेज समेत कई CCTV कैमरों की जांच की और संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चोरी की इस वारदात में दो महिलाओं समेत चार लोग शामिल थे। इसी बीच पुलिस को आरोपियों के मंगोलपुरी इलाके में होने के इनपुट्स मिले। जिसके बाद पुलिस टीम ने 14 और 15 फरवरी की रात को मंगोलपुरी में दो जगहों पर मिलकर छापे मारे, और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
वारदात का तरीका कर देगा हैरान
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे टीम बनाकर वारदात करते थे और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन, खासकर डीटीसी बसों को निशाना बनाते थे। वारदात के दौरान वे भीड़ में पीड़ित को घेरकर उसकी गतिविधि सीमित कर देते थे। इसी दौरान एक सदस्य धारदार चीज से चुपचाप पीड़ित का बैग काटता था, जबकि अन्य सदस्य उसे ढाल बनाकर पीड़ित की नजर से घटना को छिपाते थे।
पुलिस ने बताया कि चोरी करने के बाद, आरोपी शक और पहचान से बचने के लिए अलग-अलग बस स्टॉप पर उतर जाते थे। आरोपियों से पूछताछ करते हुए पुलिस फिलहाल यह पता लगा रही है कि उन्होंने ऐसी कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है।




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