Surajkund Tragedy Inspector Jagdish to Given Martyr Status after died to rescue others lives SIT to Probe Accident सूरजकुंड में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश को शहीद का दर्जा, परिवार को सरकारी नौकरी, Ncr Hindi News - Hindustan
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सूरजकुंड में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश को शहीद का दर्जा, परिवार को सरकारी नौकरी

हरियाणा के सूरकुंड मेले में ढूला टूटने के बाद लोगों की जान बचाते हुए इंस्पेक्टर जगदीश ने अपनी जान दे दी। हरियाणा सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा देने की घोषणा की है। उधर, हादसे की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

Sun, 8 Feb 2026 03:32 PMGaurav Kala फरीदाबाद, पीटीआई
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सूरजकुंड में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश को शहीद का दर्जा, परिवार को सरकारी नौकरी

हरियाणा के सुरजकुंड फेयरग्राउंड में हुए भयानक झूला हादसे में ऑन-ड्यूटी पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। जगदीश प्रसाद उस समय मेले में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, जब विशाल झूला अचानक टूट कर जमीन पर गिर गया। इंस्पेक्टर जगदीश अगले महीने रिटायर होने वाले थे। हरियाणी डीजीपी ने अजय सिंघल ने कहा कि उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाएगा। सरकार ने परिवार को एक करोड़ और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। साहस और वीरता के लिए उन्हें पहले भी 2019-20 में हरियाणा के राज्यपाल द्वारा पुलिस मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

साथ ही फरीदाबाद पुलिस ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन कर लिया है। यह घटना सुरजकुंड फेयर में झूले से जुड़ा तीसरा हादसा है, जिससे आयोजकों की सुरक्षा नियमों और दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

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2002 में एक युवक की झूले से मौत हुई थी, तब झूले कुछ वर्षों के लिए बंद कर दिए गए थे। 2019 में एक युवक घायल हुआ था, जिसके बाद झूले फिर से शुरू किए गए, लेकिन इस बार भी सुरक्षा का गंभीर जोखिम देखा गया। अधिकारियों के अनुसार झूले लगाने के लिए सख्त नियम हैं और रोजाना निरीक्षण करना अनिवार्य है। इसके बावजूद लगातार हादसे सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाते हैं।

घटना क्या हुई

घटना के समय झूले पर लगभग 19 लोग सवार थे और शाम लगभग 6 बजे झूला अचानक झुक गया और गिर पड़ा। इस हादसे में 11 लोग घायल हुए। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जगदीश प्रसाद ने फंसे हुए लोगों को बचाने के दौरान गंभीर चोटें लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, हरियाणा पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने बताया कि झूले में घायल लोग अब खतरे से बाहर हैं।

शहीद का दर्जा मिलेगा

जगदीश प्रसाद ने 1989 में हरियाणा आर्म्ड पुलिस ज्वाइन की थी और मार्च में 36 साल की सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके इस साहसिक कार्य और बलिदान को देखते हुए हरियाणा डीजीपी अजय सिंघल ने रात को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। डीजीपी ने कहा कि उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाएगा।

एसआईटी का गठन

जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई गई है, और झूला लगाने वाले वेंडर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि 39वां सुरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव रविवार को जारी रहेगा, लेकिन झूला क्षेत्र को अभी बंद रखा गया है।

जगदीश के गांव में शोक की लहर

जगदीश प्रसाद का अचानक निधन उनके पैतृक गांव डेंगरा, मथुरा जिला में शोक की लहर है। वे अपनी पत्नी सुधा और तीन बच्चों दो बेटियों निधि और दीप्ति तथा पुत्र गौरव के साथ रहते थे। उनके भाई प्रदीप, जो शिक्षक हैं, और परिवार के अन्य सदस्य सतीश चंद्र और चंद्रभान सिंह अलग-अलग शहरों में कार्यरत हैं। जगदीश प्रसाद के भाई प्रदीप ने कहा, "हमें शनिवार शाम 8 बजे यह दुखद खबर मिली।"

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