सूरजकुंड मेले में दूसरों को बचाते हुए जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश की अगले महीने थी रिटायरमेंट
झूला गिरने दौरान उन्होंने जान की परवाह किए बिना लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। इसी बीच झूले का एक बड़ा हिस्सा उनके ऊपर आकर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। डीजीपी ने परिवार को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

मेले में हुए हादसे में इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद अपनी जान गंवाकर दूसरों को जीवन दे गए । झूला गिरने दौरान उन्होंने जान की परवाह किए बिना लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। इसी बीच झूले का एक बड़ा हिस्सा उनके ऊपर आकर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनकी शहादत ने पूरे पुलिस विभाग और मेले में मौजूद लोगों को गमगीन कर दिया। डीजीपी अजय सिंघल ने घोषणा की है कि गदीश के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। इसके अलावा अन्य विभागीय लाभ भी दिए जाएंगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय मेले में काफी भीड़ थी। झूले में तकनीकी खराबी आने के बाद अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को संभालने और लोगों को सुरक्षित दूरी पर ले जाने के लिए इंस्पेक्टर जगदीश तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को हटाने और घायलों की मदद करने में अहम भूमिका निभाई। इसी दौरान अचानक झूले का भारी हिस्सा टूटकर नीचे गिरा, जिसकी चपेट में आकर उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया। शहादत की खबर से मेला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें एक निष्ठावान, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी अधिकारी बताया।
सूरजकुंड मेला में झूला टूटने की घटना में मरने वाले इंस्पेक्टर जगदीश के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। इसके अलावा अन्य विभागीय लाभ भी दिए जाएंगे। डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि जगदीश ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए तत्काल बचाव कार्य प्रारंभ किया। लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा है कि निरीक्षक जगदीश ने असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने कर्तव्यों से पीछे हटने के बजाय लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी तत्परता और बहादुरी के कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी, जो पुलिस सेवा की सर्वोच्च परंपराओं का जीवंत उदाहरण है।
डीजीपी ने कहा कि निरीक्षक जगदीश का योगदान और समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा तथा उनका निधन पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि विभाग परिवार के साथ इस कठिन समय में पूरी मजबूती से खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्होंने सभी घायलों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।
मथुरा के रहने वाले थे स्वर्गीय जगदीश
दिवंगत निरीक्षक जगदीश जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले थे। उनका जन्म 05 मार्च 1968 को हुआ था। वे 31 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन पलवल से सूरजकुंड मेला ड्यूटी हेतु नियुक्त किए गए थे। अपने कर्तव्यों के प्रति उनकी निष्ठा, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता के लिए वे विभाग में जाने जाते थे।
अगले महीने होने वाले थे रिटायर
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद चान्दहट थाने में तैनात थे। वह 31 मार्च को रिटायर होने वाले थे। वह मूल रूप से मथुरा जिले के गांव धींगडा के रहने वाले थे। हादसे की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। परिजन मथुरा से फरीदाबाद के लिए निकल चुके हैं।
ये हुए दुर्घटनाग्रस्त, सभी उपचाराधीन
दुर्घटना में नीलय (सहायक उपनिरीक्षक), पत्नी विजयपाल निवासी बादशाहपुर; सुनील पुत्र रविन्द्र निवासी आरोहा, जिला महेंद्रगढ़; हर्ष प्रकाश पुत्र रामप्रकाश निवासी एफ-176, पॉकेट-1, ग्रेटर नोएडा; प्रशांत पुत्र शंकर लाल निवासी दूबेपुर, जिला धौलपुर (राजस्थान); अनिशा पुत्री जितेन्द्र निवासी मकान नं. 20, पार्ट-2, फरीदाबाद; शिवानी पुत्री रमेश निवासी विरोना टावर, सेक्टर-78 नोएडा; तथा परविंदर (अन्य विवरण प्रतीक्षित) घायल हुए हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है।




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