रात को क्लब में थी भारी भीड़, सुबह तक इंतजार करती रही पुलिस; दिल्ली में राशिद केबलवाला-हाशिम बाबा गैंग के 6 शूटर दबोचे
यह गैंग हाल के वर्षों में दिल्ली भर में हुई कई हत्याओं, रंगदारी मांगने की कोशिशों और गोलीबारी की घटनाओं से जुड़ा हुआ है। इनमें कारोबारी नादिर शाह और सुनील जैन की हत्याओं के मामले भी शामिल हैं।

दिल्ली पुलिस को हाल ही में उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली, जब उसने राशिद केबलवाला-हाशिम बाबा गैंग से जुड़े छह गुर्गों और शार्पशूटरों को एक क्लब से गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पुलिस ने उनके पास से 10 अवैध हथियार भी बरामद किए हैं, जिनमें कई विदेशी आधुनिक हथियारों समेत एक राइफल, इटली में बनी दो बेरेटा रिवॉल्वर और 81 जिंदा कारतूस भी शामिल हैं। ये सभी आरोपी ट्रांस-यमुना इलाके में सक्रिय गैंग से जुड़े हुए थे और उसी के गुर्गे के रूप में काम करते थे। पुलिस ने इन सबको उस वक्त धर दबोचा, जब वे विरोधी गैंग के सदस्यों पर हमला करने की साजिश रच रहे थे।
खास बात यह है कि इन आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस रातभर एक क्लब के बाहर इंतजार किया। सुबह करीब 4 बजे जब वो बाहर निकले तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान फैज कुरैशी (26), माज (24), नवाजिश (32), अफ्फाक (24), इमरान उर्फ तेली (39) और अरशद उर्फ छोटा (25) के रूप में हुई है। ये सभी उत्तर-पूर्वी दिल्ली के रहने वाले हैं।
आरोपियों के एक क्लब में जमा होने की मिली थी सूचना
आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, ‘क्राइम ब्रांच की एक टीम शहर में सक्रिय गैंगों और वांटेड अपराधियों पर लगातार नजर रख रही है। इसी दौरान 6 मई को उन्हें सूचना मिली कि राशिद केबलवाला और हाशिम बाबा के कई साथी मध्य दिल्ली में पूसा रोड पर स्थित एक क्लब में जमा हुए हैं।’
क्लब में थी भारी भीड़, सुबह तक इंतजार करती रही पुलिस
प्राप्त सूचना के आधार पर उन्हें दबोचने के लिए पुलिस की टीम रात में वहां पहुंची, लेकिन वहां लोगों की भारी भीड़ थी। जिसके बाद किसी अनहोनी घटना को टालने के लिए पुलिस की एक टीम ने बाहर से ही निगरानी रखी। जब आरोपी सुबह करीब 4 बजे क्लब से बाहर निकले, तो पुलिस ने चार संदिग्धों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान, पुलिस ने उनकी कार से चार अत्याधुनिक पिस्तौलें (जिनमें इटली में बनी दो बेरेटा पिस्तौलें शामिल हैं) और 32 जिंदा कारतूस बरामद किए।
पूछताछ के बाद दो और गुर्गों की हुई गिरफ्तारी
अधिकारी ने आगे बताते हुए कहा कि, 'इसके बाद, लगातार पूछताछ और आगे की छापेमारी के आधार पर, गैंग के दो और गुर्गों को गिरफ्तार किया गया और अतिरिक्त अवैध हथियार बरामद किए गए।' पुलिस ने बताया कि आरोपियों से बरामद कुल हथियारों में में .30 और .32 कैलिबर की नौ पिस्तौलें (जिनके साथ 77 जिंदा कारतूस थे) और एक .312-बोर की राइफल (जिसके साथ चार कारतूस थे) भी शामिल हैं। इसके अलावा आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल एक वाहन भी जब्त किया गया।
राशिद केबलवाला के गुर्गे हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों पर रंगदारी वसूलने, अवैध सट्टेबाजी और गैंग से जुड़ी अन्य गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। साथ ही ये सभी आरोपी एक वेब एप्लिकेशन के जरिए फरार गैंगस्टर राशिद केबलवाला के सीधे संपर्क में थे। पुलिस ने बताया कि राशिद केबलवाला, जो जेल में बंद गैंगस्टर हाशिम बाबा का करीबी साथी है, माना जाता है कि दुबई से अपना गैंग चला रहा है। जबकि, हाशिम बाबा इस समय तिहाड़ जेल में बंद है।
पुलिस ने इस पूरे अभियान को इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में एसीपी राज कुमार की देखरेख एवं डीसीपी हर्ष इंदोरा के समग्र पर्यवेक्षण में संचालित किया।
कई संगीन वारदातों में आ चुका है गैंग का नाम
आरोप है कि यह गैंग हाल के वर्षों में दिल्ली भर में हुई कई हत्याओं, रंगदारी मांगने की कोशिशों और गोलीबारी की घटनाओं से जुड़ा हुआ है। इनमें कारोबारी नादिर शाह और सुनील जैन की हत्याओं के मामले भी शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में एक केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।




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