नोएडा में SHO और SI सस्पेंड, महंगा पड़ा रेप मामले में जरूरी धाराओं को नजरअंदाज करना
नोएडा के एक एसएचओ और एक सब इंस्पेक्टर को रेप के मामले में महत्वपूर्ण आरोपों को नहीं जोड़ने पर सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों पर यह कार्रवाई तब की गई जब यह पाया गया कि 17 मार्च को फेज-3 थाने में दर्ज एफआईआर में कुछ महत्वपूर्ण धाराएं शामिल नहीं थीं।

नोएडा के एक एसएचओ और एक सब इंस्पेक्टर को रेप के मामले में महत्वपूर्ण आरोपों को नहीं जोड़ने पर सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों पर यह कार्रवाई तब की गई जब यह पाया गया कि 17 मार्च को फेज-3 थाने में दर्ज एफआईआर में कुछ महत्वपूर्ण धाराएं शामिल नहीं थीं।
रेप के एक मामले में उत्तर प्रदेश के गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों को लागू न करने के आरोप में एक एसएचओ और एक सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। नोएडा पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह कार्रवाई तब की गई जब यह पाया गया कि 17 मार्च को फेज-3 थाने में दर्ज एफआईआर में कुछ महत्वपूर्ण धाराएं शामिल नहीं थीं।
पुलिस के अनुसार, शुरू में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 (धोखाधड़ी से यौन संबंध बनाना), 351 (आपराधिक धमकी) और 308 (जबरन वसूली) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले की समीक्षा करने पर यह पाया गया कि संबंधित धाराएं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम की धारा 5(3) और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धारा 3(2)(5), आरोपों में शामिल नहीं की गई थीं।
इस चूक के बाद सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि सेंट्रल नोएडा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी-1) उमेश यादव के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि फेज-3 थाने के एसएचओ पुनीत कुमार और जांच अधिकारी एसआई प्रीति गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले की जांच का जिम्मा नोएडा की अतिरिक्त डीसीपी मनीषा सिंह को सौंपा गया है।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता मूल रूप से मध्य प्रदेश की निवासी है। नोएडा में कार्यरत 24 साल की इस महिला ने आरोप लगाया है कि 26 साल के एक व्यक्ति ने अपनी पहचान छुपाकर सोशल मीडिया पर उससे दोस्ती की। बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाए। पुलिस के अनुसार, जब उसने शादी के लिए दबाव डाला तो उसने कथित तौर पर उसे धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा और उससे पैसे भी ऐंठ लिए।
मामले का पता चलने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने फेज-3 थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और गैरकानूनी धर्मांतरण कानून और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों को शामिल करने की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि बाद में एफआईआर में संबंधित धाराएं जोड़ दी गईं।




साइन इन