नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट तक चलेगी मेट्रो, 5 स्टेशन बनेंगे, 7.5 KM रूट पर 1250 करोड़ खर्च
नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट तक पहले चरण में पांच मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए प्राधिकरण ने संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई है। नमो भारत ट्रेन प्रस्तावित होने के कारण अभी नोएडा से सीधे नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो चलाने में अड़ंगा है।

नोएडा से सीधे नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो चलाने की योजना में फिलहाल फेरबदल किया गया है। इसके लिए अब संशोधित डीपीआर तैयार किया गया है। अब पहले चरण में नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट तक मेट्रो चलाने की योजना है। 7.5 किलोमीटर के इस रूट पर 5 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।
नोएडा के सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट तक पहले चरण में पांच मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए प्राधिकरण ने संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई है। नमो भारत ट्रेन प्रस्तावित होने के कारण अभी नोएडा से सीधे नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो चलाने में अड़ंगा है।
यह रूट सेक्टर-51 से किसान चौक तक 7.5 किलोमीटर लंबा होगा। इस पर पांच मेट्रो स्टेशन होंगे। इस पर करीब 1250 करोड़ रुपये की लागगत अनुमानित है। अब इस डीपीआर पर मंत्रालय में मंजूरी की प्रक्रिया शुरू होगी। निर्माण लागत केंद्र के साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को देनी है।
केंद्र में पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड की बैठक के बाद परियोजना पर वास्तविक लागत का आकलन सामने आएगा। इसके पहले आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में प्रस्तुतिकरण होना है, जिसकी तैयारी नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने शुरू कर दी है।
एनएमआरसी के एमडी कृष्णा करुणेश ने बताया कि ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना हमारी प्राथमिकता में शामिल है। आरआरटीएस का रूट गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए तय न होने तक मेट्रो के लिए सेक्टर-51 से ग्रेनो वेस्ट में किसान चौक तक के लिए डीपीआर तैयार की गई है।
मंत्रालय के सुझाव पर इसकी डीपीआर अलग से तैयार करवाकर भेजी गई है। इस रूट पर सेक्टर-51 के आगे पांच मेट्रो स्टेशन बनेंगे। इनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास) शामिल हैं। एमडी ने बताया कि जल्द ही प्रस्तुतिकरण के लिए मंत्रालय से बुलाया जाएगा। इसके लिए तैयारी कर ली गई है।
लोग लगातार संचालन की मांग कर रहे
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आबादी बढ़ रही है। यहां पर सार्वजनिक परिवहन की कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में लोगों को अपने वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इस कारण सड़कों पर जाम लग रहता है। यहां के लोग लंबे समय से मेट्रो चलाने की मांग कर रहे हैं। वे इसके लिए कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। हाल में राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने इस मुद्दे को सदन में उठाया था। उन्होंने आवास और शहरी मंत्री से आग्रह किया था कि इस रूट पर मेट्रो चलाने की मंजूरी दी जाए।




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