Sewage work in Delhi turns deadly, people reveal the truth about the young man death न बेरिकेड, न लाइट…; दिल्ली में सीवेज का काम बना जानलेवा, युवक की मौत पर लोग ने बताई हकीकत, Ncr Hindi News - Hindustan
More

न बेरिकेड, न लाइट…; दिल्ली में सीवेज का काम बना जानलेवा, युवक की मौत पर लोग ने बताई हकीकत

चश्मदीदों, रहने वालों और लोकल मजदूरों ने आरोप लगाया है कि यह गड्ढा हाल ही में खोदा गया था और साइट के आस-पास बैरिकेड्स, सेफ्टी नेट और पर्याप्त लाइटिंग जैसे सेफ्टी इंतजाम नहीं थे। आगे पढ़िए लोगों ने और क्या बताया।

Fri, 6 Feb 2026 08:46 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, पीटीआई
share
न बेरिकेड, न लाइट…; दिल्ली में सीवेज का काम बना जानलेवा, युवक की मौत पर लोग ने बताई हकीकत

दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पहचान कैलाशपुरी निवासी कमल भयानी (25) के रूप में की है। वो एक प्राइवेट बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। चश्मदीदों, रहने वालों और लोकल मजदूरों ने आरोप लगाया है कि यह गड्ढा हाल ही में खोदा गया था और साइट के आस-पास बैरिकेड्स, सेफ्टी नेट और पर्याप्त लाइटिंग जैसे सेफ्टी इंतजाम नहीं थे। लोगों का कहना है कि सड़क खोदे जाने की वजह से इलाके में आना-जाना, खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए मुश्किल हो गया था।

100 मीटर तक कोई लाइट नहीं

एक लोकल कैफे के मैनेजर संदीप ने PTI को बताया- "चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल से लेकर उस जगह तक जहाँ गड्ढा खोदा गया था, लगभग 100 मीटर तक कोई स्ट्रीटलाइट नहीं है। सिर्फ इस हिस्से के आखिर में एक स्ट्रीटलाइट है, जहाँ एक रेजिडेंशियल लेन शुरू होती है।उन्होंने आगे कहा- ट्रैफिक सिग्नल के पास बैरिकेड्स तो लगाए गए थे, लेकिन हाल ही में खोदी गई खाई अभी भी बिना सुरक्षा के थी।

ट्रैफिक सिग्नल के पास, DJB के चल रहे सीवेज काम के तहत दो बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिसके लिए सड़क खोदी गई है। उन्होंने को बताया, “जिस जगह पर दो दिन पहले यह खास गड्ढा खोदा गया था, वहां कोई बैरिकेड या सेफ्टी नेट नहीं था, यहां तक ​​कि स्टैंडर्ड ग्रीन मेश फेंसिंग भी नहीं थी।”

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ये हादसा नहीं हत्या है, नोएडा की घटना से भी भाजपा ने कुछ नहीं सीखा- केजरीवाल
ये भी पढ़ें:पुलिस ने लड़के को मरने के लिए छोड़ा, दिल्ली के गड्ढे में गिरकर युवक की मौत पर आप
ये भी पढ़ें:ट्रिपल सिस्टर सुसाइड: बिके हुए फोन खोजेगी पुलिस, क्या कोरियन गेम बना मौत की वजह?

टू व्हीलर वालों को हो रही थी कन्फ्यूजन

स्थानीय महीला उमा ने कहा कि सड़क को फेज में ब्लॉक किया गया था, जिससे आने-जाने वालों और वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे टू-व्हीलर वालों को कन्फ्यूजन हो रही थी।उन्होंने कहा, “पहले, उन्होंने सड़क का दूसरा हिस्सा बंद कर दिया था और अब उन्होंने इसे भी बंद कर दिया है। पहले, आगे का हिस्सा बंद था, अब उन्होंने इस तरफ खोद दिया है। लोग किसी तरह पतली जगहों से या चक्कर लगाकर निकल जाते हैं। लेकिन पिछले दो महीनों से, यह हिस्सा पूरी तरह से ब्लॉक हो गया है, यहां से निकलने का कोई सही रास्ता नहीं है।”

इलाके में कई स्कूल मौजूद, सता रहा डर

एक और लोकल, योगेंद्र सलूजा ने कहा कि चल रहे कंस्ट्रक्शन और बढ़ते ट्रैफिक की वजह से बच्चों को इलाके से गुजरने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा, इसके लिए कोई लंबे समय का इंतजाम होना चाहिए, क्योंकि ऐसा लगता है कि यह प्रोजेक्ट एक साल तक चलेगा। हालाँकि, दूसरी खाइयों पर सही बैरिकेड्स थे। इस इलाके में कई स्कूल हैं, और ई-रिक्शा में आने-जाने वाले बच्चों को अक्सर ऊबड़-खाबड़, खोदी हुई सड़कों के कारण खतरों का सामना करना पड़ता है। स्ट्रीटलाइट और बैरिकेडिंग की कमी, और खराब रखरखाव ने रोज़मर्रा की ज़िंदगी को मुश्किल बना दिया है।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।