हर गली में फोर्स-दुकानें बंद,सड़कों पर सन्नाटा; दिल्ली पुलिस पर पथराव से तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसा हाल
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में आज कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। यहां सभी दुकानें और बाजार बंद हैं।

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में आज कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। एमसीडी द्वारा मंगलवार आधी रात को तुर्कमान गेट इलाके की फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण के खिलाफ 32 बुलडोजरों की मदद से तोड़फोड़ अभियान चलाया। एमडीसी के बुलडोजर ऐक्शन के बीच कुछ उपद्रवियों द्वारा नगर निगम और दिल्ली पुलिस पर पथराव कर दिया। इस घटना में 5 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल कर लोगों को वहां से खदेड़ दिया।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। यहां सभी दुकानें और बाजार बंद हैं। गली-गली में दिल्ली पुलिस, रैपिड ऐक्शन फोर्स और सीआरपीएफ के जवान पैट्रोलिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने तुर्कमान गेट की ओर जाने वाले रास्तों को भी ब्लॉक कर दिया है और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।

एफआईआर दर्ज, 10 लोग हिरासत में लिए गए
दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट मस्जिद के पास तोड़फोड़ के दौरान पत्थरबाजी के बाद अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर दंगा, सरकारी कर्मचारी पर हमला और सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने में बाधा डालने से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है और आगे की जांच जारी है।
सीसीटीवी कैमरों से आरोपियों की पहचान होगी
दिल्ली पुलिस अधिकारियों द्वारा पहने गए बॉडी कैमरा फुटेज और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के जरिये फैज-ए-इलाही मस्जिद के बाहर पत्थरबाजी की घटना में शामिल लोगों की पहचान करेगी।
जॉइंट पुलिस कमिश्नर (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने कहा कि तोड़फोड़ के दौरान कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी करके अशांति फैलाने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल का सीमित और न्यूनतम उपयोग किया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
सिटी एस.पी. जोन (CSPZ) के डिप्टी कमिश्नर विवेक अग्रवाल कहा, "यह मामला लंबे समय से दिल्ली हाईकोर्ट में पेंडिंग था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। यह लगभग 36,400 स्क्वायर फीट का एरिया था। इसके चारों ओर दो मंजिला दीवार थी और उसके ऊपर एक मंजिला स्ट्रक्चर बना हुआ था। मस्जिद की जमीन सुरक्षित है। पर्याप्त पुलिस फोर्स दी गई थी। सीनियर पुलिस अधिकारी भी पूरी रात मौके पर मौजूद थे। हमारी टीम को पूरी सुरक्षा दी गई थी। रात में पत्थरबाजी की घटना हुई, लेकिन पुलिस पूरी तरह से तैयार थी। हमने 32 जेसीबी, 4 एक्सकेवेटर, न्यूमेटिक हैमर और कई ट्रकों का इस्तेमाल किया। हमारी टीम के किसी भी सदस्य को कोई नुकसान नहीं हुआ। पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया और स्थिति को कंट्रोल किया।"
(एएनआई के इनपुट के साथ)




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