गाजियाबाद में कैश वैन से 20 लाख की लूट, NH-9 पर दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात
गाजियाबााद में NH-9 पर बुधवार को दिनदहाड़े कैश वैन लूटने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी है। चालक के भरोसे वैन में 20 लाख छोड़कर जाने से कई सवाल उठ रहे हैं।

गाजियाबााद में NH-9 पर बुधवार को दिनदहाड़े कैश वैन लूटने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी है। चालक के भरोसे वैन में 20 लाख छोड़कर जाने से कई सवाल उठ रहे हैं।
क्रॉसिंग रिपब्लिक थानाक्षेत्र में एनएच-नौ पर बुधवार को कैश वैन लूट की वारदात ने न सिर्फ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि वित्तीय संस्था से जुड़े कर्मचारियों की लापरवाही भी उजागर कर दी। चालक के भरोसे वैन में 20 लाख छोड़कर जाने से कई सवाल उठ रहे हैं। बुधवार दोपहर हुई इस वारदात ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया।
एटीएम में नकदी डालने के लिए निकली थी
शुरुआती जांच में सामने आया कि वित्तीय संस्था की कैश वैन अलग-अलग एटीएम में नकदी डालने के लिए निकली थी। नवयुग मार्केट से विभिन्न एटीएम में रुपये डालते हुए क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र पहुंची थी। यहां हाईवे किनारे वैन खड़ी कर गनर मनवीर, कस्टोडियन रजनीश और कैशियर एटीएम में कैश डालने के लिए अंदर चले गए। जिस एटीएम में नकदी डाली जानी थी वह मुख्य हाईवे से करीब 100 मीटर अंदर गली में है। यहीं सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई। पूरे घटनाक्रम में वित्तीय संस्था की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।
किसी को संभलने का मौका नहीं मिला
घटना जिस स्थान पर हुई वह हाईवे का बेहद व्यस्त हिस्सा माना जाता है। पास में पेट्रोल पंप, दुकानें और सर्विस रोड होने के कारण वहां लगातार भीड़ बनी रहती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोली की आवाज सुनकर लोग मौके की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक बदमाश कैश वैन लेकर निकल चुके थे। लोगों का कहना है कि पूरी वारदात इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
संदेह गहराया
गली में तीन एटीएम हैं। पूर्व में जब हाईवे से लगभग 50 मीटर दूरी पर आमने-सामने बने दो एटीएम में नकदी डाली जाती थी, तब कैश वैन को एनएच-9 पर ही खड़ा किया जाता था। वहीं, करीब 100 मीटर दूर स्थित तीसरे एटीएम में रकम जमा करने के दौरान वैन को एटीएम तक ले जाया जाता था। हालांकि, बुधवार को 100 मीटर दूर स्थित उसी एटीएम में नकदी डाली गई, लेकिन इस बार कैश वैन को वहां तक ले जाने के बजाय एनएच-9 पर ही खड़ा कर दिया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वैन को दूर खड़ा करने की यह प्रक्रिया पहले भी अपनाई जाती थी या फिर घटना वाले दिन जानबूझकर ऐसा किया गया।
अधिकारियों ने घंटों पूछताछ की
वारदात के बाद एडिशनल सीपी अपराध केशव कुमार चौधरी, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल और डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी क्रासिंग रिपब्लिक थाने पहुंचे। अधिकारियों ने चालक, गनर, कैशियर और कस्टोडियन से घंटों पूछताछ की। हाईवे पर जाती कैश वैन का एक फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर बदमाशों के भागने के रूट का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए आठ टीमें गठित करने का दावा किया है।
प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कैश वैन संचालन के दौरान तय प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। आमतौर पर ऐसी वैन में सुरक्षा के कई स्तर होते हैं और किसी भी स्थिति में चालक को अकेला नहीं छोड़ा जाता। इसके अलावा हाईवे किनारे वाहन खड़ा कर एटीएम में कैश डालने जाना भी सुरक्षा मानकों के खिलाफ माना जाता है। जिस तरह बदमाश सीधे उसी समय मौके पर पहुंचे जब चालक अकेला था, इससे साफ संकेत मिलते हैं कि वारदात से पहले लंबी रेकी की गई थी। पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं बदमाशों को अंदर से कोई सूचना तो नहीं दी गई थी।
पुलिस की घेराबंदी विफल रही
वारदात के बाद पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी का दावा किया, लेकिन बदमाश हाथ नहीं आए। बदमाश घटनास्थल से कुछ दूरी पर यू-टर्न लेकर हाईवे के रास्ते वेव सिटी और फिर मसूरी क्षेत्र की तरफ निकल गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि क्रॉसिंग रिपब्लिक, वेव सिटी और मसूरी थाना पुलिस की घेराबंदी के बावजूद बदमाश आसानी से निकल गए। घटना ने पुलिस की हाईटेक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे जैसे संवेदनशील मार्ग पर दिनदहाड़े कैश वैन लूट ली गई और पुलिस बदमाशों की लोकेशन तक ट्रेस नहीं कर सकी।




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