दिल्ली में राशन कार्ड के लिए बस ऑनलाइन आवेदन; क्या डॉक्यूमेंट लगेंगे, किन्हें नहीं मिलेगा?
दिल्ली में राशन कार्ड के लिए अब केवल ऑनलाइन एप्लीकेशन ही लिए जाएंगे। यही नहीं घर के हर सदस्य को इसके लिए अपना आधार नंबर देना होगा। ऑनलाइन आवेदनों की जांच खाद्य आपूर्ति अधिकारी के स्तर पर की जाएगी।

दिल्ली में अब राशन कार्ड के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए परिवार के प्रत्येक सदस्य का आधार नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदनों की बारीकी से जांच खाद्य आपूर्ति अधिकारियों की ओर से की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अधिकारी सत्यापन के लिए आवेदक के घर भी जा सकते हैं। इस दौरान वे विवरणों की पुष्टि के लिए सवाल भी पूछ सकते हैं। दिल्ली सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग ने सभी जोनल आयुक्तों को इस प्रक्रिया के लिए एक एसओपी जारी कर दी है।
किन्हें मिलेगा?
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड के जरिए राशन वितरण का दायरा बढ़ाने के लिए सालाना पारिवारिक आय की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया है। अब जिन परिवारों की सालाना आमदनी 1.20 लाख रुपये तक है उन्हें नया राशन कार्ड बनवाने के योग्य माना जाएगा।
इन लोगों को नहीं मिलेगा
अधिकारियों ने बताया कि नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में उन लोगों को राशन कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे जिनके पास चार पहिया गाड़ी है। सरकारी नौकरी है या 2 किलोवॉट से ज्यादा का पॉवर कनेक्शन है।
वेरिफिकेशन भी कर सकते हैं अधिकारी
अधिकारियों की मानें तो ऑनलाइन मिले आवेदनों की फूड सप्लाई ऑफिसर के स्तर पर स्क्रूटनी होगी। फूड सप्लाई ऑफिसर जरूरत पड़ने पर आवेदक के वेरिफिकेशन के लिए आवास तक का दौरा भी कर सकते हैं। वे आवेदक की डिटेल्स के बारे में सवाल भी पूछ सकते हैं। दिल्ली सरकार के फूड, सप्लाई और कंज्यूमर अफेयर्स डिपार्टमेंट के सभी जोनल असिस्टेंट कमिश्नरों को नए राशन कार्ड के आवेदनों पर विचार करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) दी गई है।
नए राशन कार्ड जारी करने के निर्देश
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार जल्द शहर में 8 लाख से अधिक खाली राशन कार्डों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। दिल्ली में लगभग 72 लाख राशन कार्डों का कोटा है। किसी की मृत्यु होने, कार्ड सरेंडर करने या पलायन करने की वजह से जगह खाली होने पर नए आवेदन मंगाए जाते हैं। सरकार ने 4 फरवरी को दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम- 2026 को अधिसूचित किया था। इसके आधार पर नए राशन कार्ड आवेदनों को प्रोसेस करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
इन्हें माना जाएगा घर का मुखिया
एसओपी और दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स- 2026 के अनुसार, असिस्टेंट कमिश्नरों को राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को लागू करने के लिए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के साथ बातचीत करने का निर्देश दिया गया है। राशन कार्ड के लिए आवेदन में परिवार की सबसे बड़ी महिला (18 साल से अधिक उम्र) को घर का मुखिया बताया जाएगा। यदि परिवार की महिला की उम्र 18 साल से कम है तो महिला सदस्य के 18 साल का होने तक परिवार के सबसे बड़े पुरुष सदस्य को घर के मुखिया के रूप में दर्शाया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन ही मान्य, लगेंगे ये डॉक्यूमेंट
अधिकारियों ने बताया कि राशन कार्ड के लिए आवेदन घर के मुखिया की ओर से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। आवेद के साथ ही परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की एक कॉपी भी अटैच करनी होगी। अगर आधार का पता अलग है तो दिल्ली में रहने का प्रूफ, रेवेन्यू डिपार्टमेंट की ओर से जारी किया गया परिवार का इनकम सर्टिफिकेट, एलिजिबिलिटी का अंडरटेकिंग और बिजली बिल की एक कॉपी भी एप्लीकेशन के साथ लगानी होगी।
यह होगी कार्ड अप्रूवल की प्रक्रिया
उचित जांच और आवेदक की पात्रता सुनिश्चित करने के बाद खाद्य आपूर्ति अधिकारी राशन कार्ड के आवेदन को असिस्टेंट कमिश्नर के पास भेजेंगे जो उन्हें संबंधित जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति के सामने पेश करेंगे। यह समिति दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम 2026 के अनुसार आवेदनों को स्वीकार या अस्वीकार करने से पहले उनकी बारीकी से जांच करेगी। यह समिति जरूरतमंद लोगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए स्वीकृत आवेदनों को प्राथमिकता देगी।
20 फीसदी वेटिंग लिस्ट भी बनेगी
निर्धारित एसओपी के मुताबिक, नए राशन कार्ड की रिक्तियां भरने के अलावा कमेटी कुल संख्या की 20 फीसदी एक वेटिंग लिस्ट भी तैयार करेगी। इसे 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर बांटा जाएगा। तय लाभार्थियों की संख्या को जिलों में वहां के वोटरों की संख्या के अनुपात में बांटा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के नतीजों के जारी होने के बाद वोटरों की संख्या के बजाय जनगणना के आंकड़ों को आधार माना जाएगा।
शिकायतों के निपटारे की यह होगी व्यवस्था
दिल्ली सरकार की ओर से जारी नए नियमों के तहत सभी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट पीडीएस लाभार्थियों की शिकायतों की जांच के लिए जिला शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में काम करेंगे। जिला शिकायत निवारण अधिकारी के खिलाफ अपीलों के निपटारे के लिए सार्वजनिक शिकायत आयोग को दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम- 2026 के तहत राज्य खाद्य आयोग के रूप में अधिसूचित किया गया है। यानी डिस्ट्रिक्ट ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर के खिलाफ अपीलों का निपटारा पब्लिक ग्रीवांस कमीशन करेगा।




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