घायल हूं इसलिए घातक हूं; राघव चड्ढा ने दिया AAP नेताओं के लगाए तीन प्रमुख आरोपों का जवाब
राघव पर आरोप लगाया गया था कि वो महत्वपूर्ण विषयों पर ना तो सरकार का विरोध करते हैं और ना ही विपक्षी दलों के साथ संसद से वॉकआउट करते हैं। जिसके बाद शनिवार दोपहर राघव चड्ढा ने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अपने ऊपर लग रहे इन तमाम सवालों का जवाब दिया।

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को हाल ही में पार्टी ने राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया था। इस कार्रवाई को लेकर पार्टी नेताओं ने उन पर कई तरह के आरोप लगाते थे और कहा कि वो पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे थे। साथ ही उन पर आरोप लगाया गया कि वो महत्वपूर्ण विषयों पर ना तो सरकार का विरोध करते हैं और ना ही वॉकआउट के समय संसद से बाहर जाते हैं। जिसके बाद शनिवार दोपहर राघव चड्ढा ने पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और अपने ऊपर लगाए गए मुख्य रूप से तीन बड़े आरोपों का जवाब दिया। साथ ही अंत में उन्होंने कहा कि मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं।
संसद में फालतू के मुद्दे उठाने के आरोप पर राघव चड्ढा ने कहा कि 'मैं संसद में शोर मचाने या गाली देने नहीं गया हूं। मैं राज्यसभा में आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाने गया हूं, मैं लोगों की बात करने गया हूं।' उन्होंने कहा कि ‘मैं चुनौती देता हूं, आप एक मौका बता दीजिए कि कब मैंने विपक्षी सदस्यों के साथ वॉकआउट नहीं किया। संसद में कैमरे लगे हैं, आप कैमरा निकालकर दिखा दीजिए।’
राघव ने कहा कि मुझ पर आरोप लगाया गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जब प्रस्ताव आया था, तो मैंने उस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। इस आरोप का जवाब देते हुए उन्होंने कहा 'मैं साइन तो तब करता जब मुझे कोई इस बारे में ऑफिशियली या अनऑफिशियली बताता, मुझे इस बारे में किसी ने कुछ बताया ही नहीं था।' आगे उन्होंने कहा, 'राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं, जिनमें से 6 या 7 सांसदों ने साइन नहीं किया। लेकिन सवाल सिर्फ मुझ पर उठाया गया।'
वीडियो में क्या-क्या बोले राघव?
अपने वीडियो में राघव चड्ढा ने कहा, 'कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है, समान भाषा, समान बातें, समान आरोप। ये कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि एक सामूहिक हमला है। पहले मैंने सोचा कि मुझे इसका जवाब नहीं देना चाहिए, फिर लगा कि कहीं एक झूठ को सौ बार बोला जाए तो कुछ लोग मान ना जाएं। इसलिए मैंने सोचा कि जवाब तो देना चाहिए। आम आदमी पार्टी ने तीन आरोप लगाते हुए ये कहा कि, इन तीन आरोपों की वजह से हम राघव चड्ढा को संसद में बोलने का मौका नहीं देंगे।'
वॉकआउट ना करने के आरोप को बताया सफेद झूठ
आगे उन्होंने कहा, 'राघव चड्ढा के संसद में बोलने पर रोक इसलिए लगाई गई, क्योंकि उन्होंने ये तीन गलतियां कीं। मैं एक-एक करके इन तीनों पर आपसे बात करना चाहता हूं। मुझ पर पहला आरोप लगाया गया कि जब विपक्षी दल संसद से वॉकआउट करता है, तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं, वो वॉकआउट नहीं करते हैं।'
इस आरोप का जवाब देते हुए राघव ने कहा, 'ये सरासर झूठ है, सफेद झूठ। मैं चुनौती देता हूं कि कोई एक घटना बताइए जब विपक्षी दलों ने वॉकआउट किया हो, और मैंने उनका साथ ना दिया हो। मैंने साथ में वॉकआउट नहीं किया हो। संसद में तो सभी जगह CCTV कैमरा है, आप कैमरा फुटेज निकालकर दिखा दीजिए, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।'
CEC वाली याचिका पर साइन नहीं करने के आरोप का जवाब भी दिया
अपने ऊपर लगे दूसरे प्रमुख आरोप का जिक्र करते हुए राघव ने आगे कहा, 'मुझ पर दूसरा आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने वाली याचिका पर साइन करने से मना कर दिया। यह दूसरा सफेद झूठ है। ना मुझे आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने इस मोशन पर साइन करने को कहा, ना औपचारिक तौर पर कहा, ना अनौपचारिक तौर पर कहा। और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से छह या सात सांसदों ने खुद ही इस मोशन पर साइन नहीं किया, तो भला इसमें मेरी क्या गलती, खाली सारा दोष केवल मुझ पर ही क्यों मढ़ा जा रहा है। इस मोशन के लिए राज्यसभा में कुल 50 साइन चाहिए होते हैं, यानी 105 विपक्षी सांसदों में से केवल 50 हस्ताक्षर से यह याचिका पूरी हो जाती, तो इतना शोर क्यों मचाया जा रहा है।'
संसद में फालतू के मुद्दे उठाने के आरोप पर भी बोले
राघव चड्ढा ने आगे कहा, ‘तीसरा आरोप जो मुझ पर लगाया गया, वो ये था कि राघव चड्ढा डर गए हैं इसलिए वो बेकार मुद्दे उठा रहे हैं।' इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'पहली बात तो मैं बता दूं कि मैं संसद में शोर मचाने, चीखने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं गया हूं। मैं वहां पर जनता के मुद्दे उठाने गया हूं, लोगों की बात करने गया हूं। मैंने कौन सा मुद्दा नहीं उठाया, मैंने GST से लेकर इनकम टैक्स की बात की। पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा का मुद्दा उठाया।’
आगे उन्होंने कहा, ‘हमारे सरकारी स्कूलों की हालत से लेकर देश के पब्लिक हेल्थ केयर इंस्टिट्यूशन्स को कैसे मजबूत किया जाए यह मुद्दा उठाया। इंडियन रेलवे में जो लोग यात्रा करते हैं, उनकी समस्याएं रखीं, यहां तक कि मैंस्ट्रूअल हेल्थ एक ऐसा मुद्दा जिसके बारे में लोग बात करने से कतराते हैं, वो बातें तक रखीं। मैंने बेरोजगारी से लेकर महंगाई तक तमाम मुद्दे उठाए, आप मेरे चार साल का संसद का रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए।'
राघव बोले- मैं घायल हूं, इसलिए ही घातक हूं
अपने वीडियो के आखिर में उन्होंने कहा, 'मैं संसद में इम्पैक्ट क्रिएट करने गया हूं, मैं संसद में हंगामा करने नहीं गया हूं। ये टैक्सपेयर्स के पैसों से जो संसद चलती है, उस टैक्सपैयर्स के मुद्दे उठाने मैं संसद में गया हूं। और वो लोग जो मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, झूठे आरोप लगा रहे हैं, उनसे मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा, हर सवाल का जवाब दिया जाएगा, क्योंकि मैं घायल हूं, इसलिए ही घातक हूं। जय हिन्द।'




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