राघव चड्ढा बीजेपी ज्वॉइन करेंगे? आप नेता आतिशी के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल, बोलीं- डर और लालच
डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। ऐसा कहा जा रहा है कि वह बीजेपी ज्वाइन कर कर सकते हैं। आप की सीनियर नेता आतिशी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है।

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया गया है। राघव की जगह अब पंजाब से पार्टी सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उपनेता नियुक्त किया है। राघव चड्ढा को पार्टी के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। ऐसा कहा जा रहा है कि वह बीजेपी ज्वॉइन कर कर सकते हैं।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आप की सीनियर नेता आतिशी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। आतिशी ने कहा है कि ‘बीजेपी का एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर है। वे नेताओं को डराती है और धमकाती है, लालच देती है और विपक्ष के बहुत सारे नेता डर और धमकी से या लालच से कूदकर बीजेपी की गोद में जाकर बैठ जाते हैं। शायद राघव जी के साथ भी यही हो रहा है।’
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने गिनाईं वजहें
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने आगे कहा 'देश एक खतरे का सामना कर रहा है और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। जिस तरह से दिल्ली में कथित तौर पर वोट काटे गए, बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा फर्जी वोट बनवाए गए और प्रशासन का दुरुपयोग किया गया, उससे बीजेपी ने दिल्ली चुनाव को चुरा लिया। ठीक इसी तरह, सबकी आंखों के सामने आज पश्चिम बंगाल का चुनाव भी चुराया जा रहा है।
उन्होंने कहा ‘जब टीएमसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाती है, तो राघव चड्ढा उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर देते हैं। जब लोकतंत्र पर हमलों और मोदी की जीत के खिलाफ पूरा विपक्ष वॉकआउट करता है, तो वे वॉकआउट करने से मना कर देते हैं। ऐसे ही जब देश में एलपीजी सिलेंडर का संकट होता है, आम लोग लंबी कतारों में खड़े होते हैं और ब्लैक में सिलेंडर खरीदते हैं, और पार्टी उनसे संसद में आवाज उठाने को कहती है, तो वे इनकार कर देते हैं। इसलिए यह साफ हो गया है कि राघव चड्ढा बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डर गए हैं , इसलिए आप उनके खिलाफ आवाज उठाने के लिए तैयार नहीं हैं।’
राघव ने क्या कहा?
आपको बता दें कि राघव ने पार्टी के इस फैसले पर शुक्रवार को आरोप लगाते हुए कहा पार्टी उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 'जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए।
उन्होंने कहा कि अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? जब भी मैं बोलता हूं, मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं। एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्या, खाने में मिलावट का मुद्दा, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक का मुद्दा, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा समेत अन्य मुद्दे संसद में उठाए हैं।
आप नेता ने कहा कि और इन मुद्दों को उठाने के बाद देश के आम आदमी को फायदा हुआ लेकिन इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे असीम प्यार देते हैं। जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा हौसला बढ़ाते हैं इसके आप सभी का आभार करते हैं।
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