नोएडा में रजनीगंधौ चौक टू सेक्टर-57 एलिवेटेड रोड बनाने को फिर होगा सर्वे, नई बनेगी DPR
नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान रोड नंबर-1 पर सेक्टर-3 रजनीगंधा चौक से सेक्टर-57 चौराहे तक बनने वाले एलिवेटेड रोड को लेकर एक बार फिर से कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए आईआईटी को पत्र लिखकर नए सिरे से सर्वेक्षण करने को कहा गया है।

नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान रोड नंबर-1 पर सेक्टर-3 रजनीगंधा चौक से सेक्टर-57 चौराहे तक बनने वाले एलिवेटेड रोड को लेकर एक बार फिर से कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए आईआईटी को पत्र लिखकर नए सिरे से सर्वेक्षण करने को कहा गया है। इसके बाद नए सिरे से इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी डीपीआर बनाई जाएगी।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि एलिवेटेड रोड की डीपीआर और डिजाइन दोबारा से तैयार किया जाएगा। बीते सालों में मौके पर काफी स्थिति बदल चुकी है। इस परियोजना में सबसे बड़ी समस्या रजनीगंधा चौराहे पर है। यहां नीचे अंडरपास और ऊपर से मेट्रो लाइन जा रही है, इसलिए इसके डिजाइन में बदलाव किया जा रहा है।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि इस मेट्रो लाइन के ऊपर से एलिवेटड रोड बनाई जाए या फिर एलिवेटेड रोड को दो खंडों में बांटकर बनाया जाए। इसकी फिजिबिलिटी तैयार करने के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। इससे पहले भी इसकी डीपीआर तैयार की गई थी।
एलिवेटेड रोड बनने से दिल्ली से नोएडा सफर करने वालों होगा फायदा
अधिकारियों ने बताया कि डीएनडी के पास से सीधे सेक्टर-57 चौराहे तक एलिवेटेड रोड बनने से दिल्ली से नोएडा के सेक्टर-57, 58, 59 के अलावा 65 और मामूरा और अन्य सेक्टरों की ओर आने-जाने वालों का सफर आसान हो जाएगा। इस रास्ते से खोड़ा कॉलोनी होते हुए लोग गाजियाबाद की ओर भी आते-जाते हैं। एलिवेटेड रोड के बनने से लालबत्ती और जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस एलिवेटड के निर्माण में करीब 600 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
व्यस्त समय में जाम से लोग परेशान
रजनीगंधा से सेक्टर-12-22-56 तिराहे तक के रास्ते पर सुबह और शाम व्यस्त समय में जाम की स्थिति रहती है। सबसे ज्यादा दिक्कत सेक्टर-22 चौड़ा मोड़ से सेक्टर-57 चौराहे तक दोनों तरफ आती है। यहां ऑटो वाले और सड़कों पर खड़ी होने वाली गाड़ियों की वजह से जाम लगता है। इसके अलावा सेक्टर-10 के सामने भी सड़क पर वाहनों के खड़े होने से दिक्कत होती है।
वर्ष 2015 में शिलान्यास हो चुका
खास बात यह है कि इस एलिवेटेड रोड का 11 साल पहले वर्ष 2015 में शिलान्यास हो चुका है। यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय इसको सेक्टर-10 से सेक्टर-12-22 तिराहे तक बनाया जाना प्रस्तावित था। इसका बोर्ड सेक्टर-22 चौड़ा मोड़ पर भी लगा हुआ है। शिलान्यास के 11 साल बाद भी इस परियोजना का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।




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