नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 9 दिनों के लिए निषेधाज्ञा लागू, किन पर रहेगी रोक?
गौतमबुद्धनगर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए 8 मई तक धारा 163 लागू की गई है। इस दौरान बिना अनुमति जुलूस, सभा, हथियार और ड्रोन के उपयोग पर रोक रहेगी। प्रशासन ने क्यों उठाया है। इस रिपोर्ट में जानें…

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 8 मई तक निषेधाज्ञा (धारा 163) लागू की है। यह फैसला श्रमिक आंदोलनों, राजनीतिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की ओर से शांति भंग होने की आशंका के चलते लिया गया है। इस दौरान बिना अनुमति के 5 या अधिक लोगों के जमा होने, जुलूस निकालने और सरकारी दफ्तरों के पास ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक है। सार्वजनिक स्थानों पर नमाज, पूजा या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बिना अनुमति नहीं किया जा सकेगा। साथ ही हथियार रखने, हर्ष फायरिंग करने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि जिले में पिछले कुछ दिनों से श्रमिक संगठनों द्वारा प्रदर्शन और आंदोलनों का सिलसिला चल रहा था। इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी। प्रशासन ने स्थिति को सामान्य करने के लिए लगातार कोशिशें की लेकिन असामाजिक तत्वों और राजनीतिक दलों के संभावित दखल को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू करनी अनिवार्य हो गई।
कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती को देखते हुए पुलिस ने गुरुवार से 8 मई तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। यह निर्णय श्रमिक आंदोलनों, राजनीतिक गतिविधियों और संभावित असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
निषेधाज्ञा की प्रति में यह निर्देश जारी किए हैं कि सार्वजनिक जुलूस और समूह प्रतिबंध बिना पुलिस आयुक्त/अपर पुलिस आयुक्त/पुलिस उपायुक्त की अनुमति के 5 या अधिक व्यक्तियों का जुलूस या समूह नहीं बनेगा। ड्रोन शूटिंग पर रोक सरकारी दफ्तरों के एक किलोमीटर परिधि में और अन्य स्थानों पर भी पुलिस की अनुमति के बिना ड्रोन शूटिंग/फोटोग्राफी पर रोक रहेगी।
सार्वजनिक स्थानों पर रात 10 से सुबह 6 तक लाउडस्पीकर बंद
प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसी संगठन या समूह की ओर से संवेदनशील समय में बिना अनुमति के मांग पत्र पेश नहीं किया जाएगा। धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग बंद रहेगा। बाकी समय में तय की गई आवाज की सीमा का पालन करना जरूरी है।
अफवाह फैलाने वालों के लिए कड़ी चेतावनी
परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में भीड़ जमा करना मना है। बिना अनुमति के मोबाइल या लाउडस्पीकर जैसे उपकरण लाना वर्जित है। फर्जी खबरें और अफवाह फैलाने पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी जारी की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर नमाज, पूजा या जुलूस जैसे आयोजनों पर रोक है। ये केवल अनुमति मिलने पर ही किए जा सकते हैं। धार्मिक स्थलों पर झंडे, बैनर या पोस्टर नहीं लगाए जाएंगे और किसी भी धर्मग्रंथ का अपमान करना अपराध है।
गलत ऑडियो या वीडियो फैलाने पर रोक
सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर छुट्टा जानवर छोड़ना मना है। लाठी, चाकू, तलवार और बंदूक जैसे हथियारों का सार्वजनिक प्रयोग नहीं किया जाएगा। शादियों में हर्ष फायरिंग पर पूरी तरह रोक रहेगी। गलत जानकारी वाले ऑडियो या वीडियो फैलाना मना है। शराब और नशीले पदार्थों का सेवन नहीं किया जाएगा। अधिकारियों या कर्मचारियों के साथ बदतमीजी करने पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की हिदायत भी जारी की गई है।
तनाव और हिंसा को रोकने की कोशिश
विस्फोटक और पिस्तौल रखना मना है। अपर पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने कहा कि जिले में शांति बनाए रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। समाज में आपसी भाईचारा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह आदेश जरूरी है। नियम तोड़ने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के तहत सजा मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य किसी भी तरह के तनाव और हिंसा को रोकना है ताकि परीक्षाएं और अन्य सरकारी कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों को अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।




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