नोएडा में आए दिन वकीलों के हड़ताल पर उच्च न्यायालय को कार्रवाई करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने गौतम बुद्ध नगर जिला अदालत में वकीलों की हड़तालों पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने बार एसोसिएशन के उन पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है जिन्होंने काम नहीं किया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अदालत के निर्देशों की अनदेखी की है।

नई दिल्ली। विशेष संवाददाता गौतम बुद्ध नगर जिला अदालत में वकीलों द्वारा आए दिन हड़ताल करने पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की समिति को जिला न्यायाधीश से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद बार एसोसिएशन के उन पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है, जिन्होंने काम नहीं किया। शीर्ष अदालत ने गौतम बुद्ध नगर जिला अदालत बार एसोसिएशन की ओर से बार-बार हड़ताल के लिए प्रस्ताव पारित किए जाने पर चिंता व्यक्त की, जबकि दिसंबर 2024 में कोर्ट ने जिला बार एसोसिएशनों को हड़ताल करने या अदालती कामकाज बाधित करने पर रोक लगा दी ती।मुख्य
न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने वीरेंद्र सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर यह आदेश दिया। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अदालत के निर्देशों की लगातार अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि ‘हम गौतम बुद्ध नगर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश देते हैं कि वह बार सदस्यों की हड़ताल के बारे में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को रिपोर्ट भेजें। साथ ही, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की समिति को जिला जज से प्राप्त रिपोर्ट की जांच करने और बार-बार हड़ताल के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया है।’
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