सूरजकुंड झूला हादसा मामले में राइड ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है आरोपी
हादसे में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की अचानक हुई मौत से उनके पैतृक गांव डेंगरा, मथुरा जिले में सदमे का माहौल है। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। तीनों ही संतान अभी पढ़ रही है और अविवाहित हैं।

हरियाणा में फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में हुई झूला गिरने की घटना को लेकर पुलिस ने झूले के ऑपरेटर और उसके स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शनिवार को हुए इस हादसे में लोगों को बचाते हुए एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी, वहीं 11 अन्य लोग घायल हो गए थे। यह हादसा उस वक्त हुआ था, जब विशाल 'सुनामी' झूला हवा में टूट गया था और गिर गया था। पुलिस ने बताया कि FIR में मुख्य आरोपी की पहचान मोहम्मद शाकिर के रूप में हुई है, जो हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हिमाचल फन केयर का मालिक है, और टूटे हुए विशाल झूले को चलाता था।
आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
इस हादसे को लेकर फरीदाबाद पुलिस स्टेशन में रविवार को एक मामला दर्ज किया गया। यह FIR शनिवार को हादसे के वक्त दुर्घटनास्थल पर मौजूद एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। इस दौरान झूले के ऑपरेटर और उसके स्टाफ के खिलाफ BNS की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया। उधर इस हादसे के बाद मेले के बंद होने की अफवाहों पर विराम लगाते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मेला रविवार को भी जारी रहेगा, और आगे की जांच होने तक झूले वाले इलाके को सील कर दिया गया है।
झूला संचालक पर लोगों की जान खतरे में डालने का आरोप
ASI ने अपनी शिकायत में कहा, 'मेले में हुए हादसे में इंस्पेक्टर की मौत हिमाचल फन फेयर के मालिक मोहम्मद शाकिर और उनके स्टाफ द्वारा लोगों की जान को जानबूझकर खतरे में डालने की वजह से हुई, जिन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया।' वहीं इसी मामले की जांच को लेकर पुलिस ने चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन भी किया गया है, जिसका नेतृत्व DCP (क्राइम) मुकेश कुमार कर रहे हैं, जिसमें ACP (क्राइम) वरुण दहिया और सूरजकुंड पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार सदस्य हैं। SIT को घटना की विस्तृत जांच करने का काम सौंपा गया है, जिसमें अगर कोई लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय करना और सुरक्षा नियमों के पालन का मूल्यांकन करना शामिल है।
अगले महीने रिटायर होने वाले थे शहीद जगदीश प्रसाद
इस हादसे के बाद लोगों को बचाने की कोशिश में 58 साल के पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने अपनी जान गंवा दी। उन्हें साल 2019-20 में हरियाणा के राज्यपाल ने पुलिस मेडल से सम्मानित किया था। प्रसाद 1989 में हरियाणा आर्म्ड पुलिस में शामिल हुए थे और फोर्स में 36 साल पूरे करने के बाद अगले महीने मार्च में रिटायर होने वाले थे। हादसे के बाद वह झूले में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान एक तरफ से टूटने के बाद झूला अचानक दूसरी तरफ से गिर गया और उन पर आ गिरा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं, और अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
मृतक इंस्पेक्टर के परिवार को मिलेंगे 1 करोड़ रुपए
हरियाणा के DGP अजय सिंघल ने मृत इंस्पेक्टर की बहादुरी की तारीफ करते हुए उनके लिए 1 करोड़ रुपए का मुआवजा और उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। DGP ने कहा कि प्रसाद ने दूसरों की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान कुर्बान कर दी, ऐसे में उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाएगा। प्रसाद की अचानक मौत से उनके पैतृक गांव डेंगरा, मथुरा जिले में सदमे का माहौल है। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। तीनों ही संतान अभी पढ़ रही है और अविवाहित हैं।




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