Phone Exploded Just One Day Before UPSC Exam, Company Now to Pay Several Lakhs UPSC परीक्षा से एक दिन पहले फट गया था सिरहाने रखा फोन, अब कंपनी देगी इतने लाख रुपए का मुआवजा, Ncr Hindi News - Hindustan
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UPSC परीक्षा से एक दिन पहले फट गया था सिरहाने रखा फोन, अब कंपनी देगी इतने लाख रुपए का मुआवजा

घटना के बाद पीड़ित जब शिकायत लेकर मोबाइल कंपनी के सर्विस सेंटर पहुंचा, तो कंपनी ने मोबाइल ठीक करने के बदले उससे एक ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने को कहा, जिसमें धमाके के लिए खुद छात्र को ही जिम्मेदार बताया गया था।

Thu, 9 April 2026 04:55 PMSourabh Jain हिन्दुस्तान टीम, निखिल पाठक, नई दिल्ली
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UPSC परीक्षा से एक दिन पहले फट गया था सिरहाने रखा फोन, अब कंपनी देगी इतने लाख रुपए का मुआवजा

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में एक UPSC अभ्यर्थी की सालभर की मेहनत एक मोबाइल फटने से पलभर में बर्बाद हो गई। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले अचानक फोन फटने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और अगले दिन होने वाली प्रारंभिक परीक्षा नहीं दे सका। जिसके बाद उसने उपभोक्ता कोर्ट में केस लगा दिया। सुनवाई के बाद मध्य जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इस मामले में मोबाइल कंपनी 'रियलमी' को सेवा में कमी और लापरवाही का दोषी पाया। आयोग अध्यक्ष दिव्य ज्योति जयपुरियार और सदस्य डॉ. रश्मि बंसल की पीठ ने सख्त रुख अपनाते हुए मोबाइल कंपनी को पीड़ित छात्र को कुल 1.50 लाख रुपए का मुआवजा और कानूनी खर्च देने का आदेश दिया। आयोग ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि मोबाइल की बैटरी में धमाका होना सुरक्षा की दृष्टि से एक गंभीर मुद्दा है, जिससे किसी की जान भी जा सकती थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित कोटी साईं पवन ने साल 2019 में करीब 18 हजार रुपए में रियलमी XT मोबाइल खरीदा था। पांच जून 2022 को UPSC प्रारंभिक परीक्षा से ठीक एक दिन पहले चार जून की तड़के सुबह तीन बजे फोन अचानक फट गया और आग पकड़ ली।

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छात्र के हाथ, माथे व उंगलियों पर आई थी चोटें

घटना के समय फोन छात्र के सिरहाने ही रखा था। हादसे में उसके हाथ, माथे, उंगलियों में चोटें आईं, जिसके चलते उसे तत्काल अस्पताल जाना पड़ा और वह अगले दिन होने वाली परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। पीड़ित ने आयोग को बताया कि हादसे की वजह से पिता की जीवन भर की जमा-पूंजी से भरी गई कोचिंग की फीस भी बेकार चली गई। इस घटना ने न सिर्फ उसकी तैयारी पर पानी फेर दिया, बल्कि उसके करियर की रफ्तार भी एक साल पीछे धकेल दी।

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कंपनी ने पीड़ित पर डालनी चाही जिम्मेदारी

घटना के बाद पीड़ित जब शिकायत लेकर मोबाइल कंपनी के सर्विस सेंटर पहुंचा, तो कंपनी ने मोबाइल ठीक करने के बदले उससे एक ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने को कहा, जिसमें धमाके के लिए खुद छात्र को ही जिम्मेदार बताया गया था। पीड़ित के इनकार करने पर न केवल उसे अपमानित किया गया, बल्कि उसका फोन तक लौटाने से मना कर दिया गया।

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30 दिन में मुआवजा नहीं दिया तो बढ़ जाएगी राशि

आयोग ने पीड़ित के दर्द को समझते हुए कंपनी के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर फटकार लगाई। आयोग ने माना कि छात्र ने न केवल शारीरिक और मानसिक कष्ट सहा, बल्कि उसका कीमती एक साल भी बर्बाद हो गया। आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह पवन को एक लाख रुपए शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के मुआवजे के रूप में, 25 हजार रुपए हर्जाने और 25 हजार रुपए कानूनी खर्च के लिए भुगतान करे। पूरी राशि एक अक्तूबर 2022 से छह प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ देनी होगी। यदि 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो ब्याज की दर बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दी जाएगी।

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