कालिंदी कुंज में बनेगा टू-वे फ्लाईओवर; दिल्ली-नोएडा और फरीदाबाद जाना होगा आसान, NHAI ने दी मंजूरी
NHAI ने दिल्ली-नोएडा बॉर्डर के पास कालिंदी कुंज में एक टू-वे फ्लाईओवर बनाने के लंबे समय से अटके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद इस हमेशा जाम रहने वाले चौराहे को सिग्नल-मुक्त बनाना है।

Delhi News : दिल्ली-नोएडा के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए गुड न्यूज है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर के पास जाम के लिए बदनाम कालिंदी कुंज चौराहे को अब पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाने की तैयारी तेज हो गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस चौराहे पर 'टू-वे' फ्लाईओवर और दो नए लूप बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि दिल्ली और नोएडा ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बुधवार को एनएचएआई के अधिकारियों से मुलाकात की, जहां इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। गुप्ता ने कहा, “एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) दिखाई गई और इंफ्रास्ट्रक्चर की डिटेल पर चर्चा की गई। दो लूप बनने के बाद कालिंदी कुंज जंक्शन सिग्नल-फ्री हो जाएगा।”
एचटी को मिले डॉक्यूमेंट्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस फ्लाईओवर के प्रस्ताव के लिए एक डीपीआर पहले ही तैयार की जा चुकी है, जो खादर पुलिया चौराहे को नोएडा से जोड़ेगा और नोएडा से खादर पुलिया तक वापसी का एक लिंक भी प्रदान करेगा। हालांकि एनएचएआई के अफसरों ने खबर छपने तक इस घटनाक्रम पर टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया।
क्या है योजना और कैसे काम करेंगे नए ‘लूप’
एक अधिकारी ने बताया कि दो ‘लूप रोड’ या फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। पहला उन यात्रियों के लिए होगा, जो नोएडा (कालिंदी कुंज पुल से) से फरीदाबाद और मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर जा रहे हैं – वे बाएं मुड़कर कालिंदी कुंज चौराहे को पूरी तरह से बाईपास कर सकेंगे। दूसरा उल्टी दिशा से बनाया जाएगा – उन यात्रियों के लिए जो फरीदाबाद और मुंबई एक्सप्रेसवे से नोएडा की ओर आ रहे हैं – जो सीधे ओखला बैराज रोड से जुड़ जाएगा।
सड़कों का भी होगा चौड़ीकरण
अधिकारी ने कहा कि ऐसा करने से यह चौराहा सिग्नल-फ्री हो जाएगा। अधिकारी ने बताया कि मौजूदा चौराहा चालू रहेगा, इसे सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा और इसके कुछ हिस्सों को चौड़ा किया जाएगा।
क्यों जरूरी था यह प्रोजेक्ट?
कालिंदी कुंज दिल्ली-नोएडा बॉर्डर का एक ऐसा चौराहा है, जहां नोएडा, फरीदाबाद, बदरपुर और सेंट्रल दिल्ली सहित कई दिशाओं से आने वाले भारी वाहनों का दबाव रहता है। सुबह-शाम पीक ऑवर्स में यहां वाहन घंटों रेंगते रहते हैं। मुंबई एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद यहां ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ गया है।
पिछले साल दिल्ली पुलिस ने एनएचएआई को लिखी थी चिट्ठी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सबसे पहले अगस्त 2025 में इस प्रस्ताव को उठाया था। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) ने तब एनएचएआई को चिट्ठी लिखकर यहां ट्रैफिक जाम की समस्या से रोजाना आम जनता को होने वाली भारी दिक्कतों पर प्रकाश डाला था और बुनियादी ढांचे में तत्काल सुधार करने का आग्रह किया था।
एनएचएआई ने दिल्ली पुलिस को बताया कि इस मामले को हाईलेवल पर उठाया गया है। प्रस्तावित इंटरचेंज के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है, जो इस दिशा में एक अहम कदम है। एक अधिकारी ने बताया, ''कालिंदी कुंज में एक इंटरचेंज बनाने के लिए डीपीआर का काम पूरा हो चुका है और रिपोर्ट के मुताबिक जरूरी निर्माण कार्य किया जाएगा।''
अभी तक निर्माण की कोई टाइमलाइन घोषित नहीं
हालांकि निर्माण कार्य के लिए अभी तक कोई टाइमलाइन घोषित नहीं की गई है, लेकिन एनएचएआई की मंजूरी और डीपीआर का पूरा होना इस प्रोजेक्ट को लागू करने की दिशा में एक अहम कदम है। दिल्ली-नोएडा कॉरिडोर से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों के लिए, यह फ्लाईओवर आखिरकार शहर के सबसे अधिक ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में से एक से राहत दिला सकता है।




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