पाकिस्तान से लगातार फंडिंग, हिंडन एयरबेस की भी जानकारी भेजी; जैश से जुड़े संदिग्धों से कई खुलासे
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में जेल भेजे आरोपियों और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ में एजेंसियों को देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी मिली है। पाक से लगातार फंडिंग और तकनीकी मदद से जासूसी नेटवर्क चल रहा था। जांच एजेंसियों को इसके पुख्ता सुबूत मिले हैं।

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में जेल भेजे आरोपियों और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ में एजेंसियों को देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी मिली है। पाक से लगातार फंडिंग और तकनीकी मदद से जासूसी नेटवर्क चल रहा था। जांच एजेंसियों को इसके पुख्ता सुबूत मिले हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क की रीढ़ पाकिस्तान से आने वाली फंडिंग थी। यह सीधे बैंकिंग चैनलों से नहीं, बल्कि हवाला के जरिए पंजाब के रास्ते भारत में पहुंचाई जाती थी। इसके बाद यह रकम अलग-अलग खातों और माध्यमों से आरोपियों तक पहुंचाई जाती थी, ताकि एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। पुलिस ने जब आरोपियों के बैंक खातों की गहन जांच की तो उनमें छोटी-बड़ी रकम के कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए। जांच एजेंसियां अब इन ट्रांजेक्शन की कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। सबसे गंभीर खुलासा गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस से जुड़ा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने हिंडन एयरबेस की लोकेशन, फोटो और वीडियो पाक भेजे थे। यह सामग्री उनके मोबाइल फोन से भी बरामद की गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की संवेदनशील जानकारी दुश्मन देश तक पहुंचना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही
मसूरी थानाक्षेत्र के गांव नाहल से गिरफ्तार किए गए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्धों को पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। अदालत ने पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए 17 मार्च की शाम से 19 मार्च की शाम पांच बजे तक का पीसीआर मंजूर किया। वहीं, कौशांबी थाना क्षेत्र से 14 मार्च को गिरफ्तार सभी छह आरोपियों की सात दिन की पुलिस कस्टडी डिमांड मिली है। बुधवार सुबह इन्हें पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। मसूरी पुलिस ने 12 मार्च को नाहल गांव के मोहल्ला बड़गुजरान से छह संदिग्धों सावेज उर्फ जिहादी, जुनैद, फरदीन, इकराम अली, फजरू और मोहम्मद जावेद को गिरफ्तार किया था।
सरफराज देता था प्रशिक्षण
एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई ऐसे वीडियो और फोटो मिले हैं, जो संवेदनशील स्थानों से जुड़े हुए हैं। वहीं, जांच में सामने आया है कि सरफराज उर्फ सरदार नामक व्यक्ति इस नेटवर्क में प्रशिक्षक की भूमिका निभा रहा था। महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी करने के बारे में भी बताता था।
कैमरे से नजर रखते थे
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों की योजना देश के विभिन्न कैंट इलाकों के रेलवे स्टेशनों पर गुप्त रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने की थी, ताकि वहां की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। आरोपी दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर कैमरे लगाने में सफल भी हो चुके थे। ये कैमरे बरामद कर लिए गए।
दिल्ली-एनसीआर में नेटवर्क बढ़ा रहा था शहजाद
दिल्ली पुलिस ने 29 नवंबर 2025 को तीन संदिग्ध आतंकियों विकास प्रजापति निवासी दतिया मध्य प्रदेश, आरिस उर्फ आसिफ निवासी बिजनौर और हरगुनप्रीत को फिरोजपुर से पकड़ा था, जो शहजाद भट्टी से जुड़े थे। इन्हें सोशल मीडिया के जरिए ग्रुप में भर्ती किया था। दिल्ली-एनसीआर में नेटवर्क बढ़ा रहा था।
जांच एजेंसियों की पूछताछ जारी
फिलहाल केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियां आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं। उनके मोबाइल डेटा, बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है।




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