अंबानी-अडानी के घरों के फोटो-वीडियो भी PAK भेजे? गाजियाबाद से ISI के 9 नए जासूस दबोचे
गाजियाबाद पुलिस ने सैन्य ठिकानों और संवेदनशील स्थानों की लोकेशन, फोटो-वीडियो पाकिस्तान भेजने वाले गिरोह से जुड़े नौ और आरोपियों को शुक्रवार को दबोच लिया। इनमें पांच नाबालिग शामिल हैं।

गाजियाबाद पुलिस ने सैन्य ठिकानों और संवेदनशील स्थानों की लोकेशन, फोटो-वीडियो पाकिस्तान भेजने वाले गिरोह से जुड़े नौ और आरोपियों को शुक्रवार को दबोच लिया। इनमें पांच नाबालिग शामिल हैं। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 15 हो गई है। पुलिस ने नाबालिग आरोपियों को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह जासूस गैंग देश के संवेदनशील स्थानों और सैन्य ठिकानों के अलावा अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों के आवास के फोटो-वीडियो, लोकेशन भी पाकिस्तान भेज चुका है।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग आरोपियों में एक नौवीं क्लास का छात्र भी शामिल है, जो संवेदनशील जगहों की रेकी करने के साथ कैमरे लगाने में भी शामिल था। नाबालिगों की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच है। पुलिस ने आरोपियों से नौ मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी पाकिस्तानी नंबर के अलावा एक मलेशियाई नंबर पर अपने आका से बात करते थे। यूके का एक वर्चुवल नंबर भी सामने आया है।
साजिश के तार मेरठ और बिहार से भी जुड़े
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को पकड़े गए आरोपियों में मेरठ निवासी गणेश और गगन कुमार प्रजापति, कौशांबी निवासी विवेक तथा नवी मुंबई में रहने वाले दुर्गेश निषाद भी शामिल हैं। गणेश मूलरूप से नेपाल के लुंबिनी और विवेक बिहार में पूर्णिया का रहने वाला है। पुलिस अब गिरोह के दो मुख्य आरोपी मुजफ्फरपुर निवासी नौशाद अली और भागलपुर निवासी समीर उर्फ शूटर को तलाश रही है।
देश में सिलसिलेवार हमलों की साजिश रची
गाजियाबाद पुलिस ने जिस गिरोह का पर्दाफाश किया, वह देश में सिलेसिलेवार तरीके से अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। दो साल पहले हुई साजिश के दूसरे चरण में ही आरोपी पकड़ लिए गए। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि कश्मीर, दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी में हमलों की साजिश थी। कौशांबी पुलिस ने अब तक 15 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। सभी तीन वॉट्सऐप ग्रुपों में शामिल थे, जिन्हें पाकिस्तान में बैठा मास्टरमाइंड सरदार चला रहा था।
दो साल से चल रहा था जासूसी का खेल
सूत्रों ने बताया कि आईएसआई के इशारे पर पहले चरण में दो साल पहले संवेदनशील स्थानों, सैन्य ठिकाने, धार्मिक स्थलों,अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों के आवास के वीडियो, लोकेशन और फोटो पाकिस्तान भेजने की शुरुआत हुई। दूसरे चरण में 50 से अधिक स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाने थे। दिल्ली कैंट और सोनीपत से इसकी शुरुआत करीब डेढ़ माह पहले हुई। एक दर्जन से अधिक स्थानों पर हमले से पहले ही आरोपी पकड़े गए। सुहेल के खुलासे के बाद पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। दूसरी ओर, साजिश रचने वालों के खिलाफ यूएपीए की धारा भी लगाने की तैयारी है।
दिल्ली के बाद जालंधर को दहलाने की कोशिश थी
सुहैल मलिक उर्फ रोमियो से पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद अगला निशाना जालंधर शहर था, पर एक निजी कारण से ऐसा नहीं हो सका। सुहेल ने बताया कि जालंधर जाने की तैयारी के दौरान हिमाचल प्रदेश में रहने वाली उसकी प्रेमिका ने मिलने के लिए बुलाया। वह जालंधर वाला टास्क छोड़कर हिमाचल चला गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अगर वह तय समय पर वहां पहुंच जाता, तो बड़ा आतंकी हमला हो सकता था। वहीं, हिमाचल से लौटते ही कौशांबी पुलिस ने उसे और उसके पांच साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
समुद्र की रेकी कर वीडियो पाकिस्तान भेजे
आरोपी दुर्गेश ने मुंबई पोर्ट की रेकी कर पाकिस्तान को फोटो-वीडियो और लोकेशन भेजे थे। सूत्रों का कहना है कि दुर्गेश मुंबई पोर्ट पर ट्रक चलाता था और उसी दौरान उसने पोर्ट की रेकी की। आतंकी हमले 26/11 और 1993 के हमलों में भी समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किया गया था। इसी कारण एजेंसियां इसे बेहद गंभीरता से जांच कर रही हैं।
रामपुर से आए नाना को देखते ही रो पड़ा किशोर
रामपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली की स्पेशल सेल टीम ने 11 मार्च को देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में एक किशोर को पकड़ा था। शुक्रवार को दिल्ली के त्रिलोकपुरी थाने पहुंचे नाना को देखते ही किशोर रो पड़ा। इस दौरान किशोर को नाना ने घर से लाए कपड़े और सामान सौंपा उसके बाद वहां से चले आए। किशोर अभी पुलिस रिमांड पर है।




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