Pakistan spy network of Ghaziabad sold indian army base secret videos to UK and Malaysia PAK ही नहीं UK-मलेशिया तक फैला गाजियाबाद के जासूसी नेटवर्क का जाल, 8 हजार में बिकते थे देश के राज, Ncr Hindi News - Hindustan
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PAK ही नहीं UK-मलेशिया तक फैला गाजियाबाद के जासूसी नेटवर्क का जाल, 8 हजार में बिकते थे देश के राज

गाजियाबाद पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय जासूसी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये आरोपी दिल्ली में सेना और संवेदनशील ठिकानों पर सोलर कैमरे लगाकर पाकिस्तान, यूके और मलेशिया में वीडियो भेजते थे। एक आईफोन की खरीद ने इस पूरे राज से पर्दा उठा दिया।

Mon, 16 March 2026 07:24 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, गाजियाबाद
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PAK ही नहीं UK-मलेशिया तक फैला गाजियाबाद के जासूसी नेटवर्क का जाल, 8 हजार में बिकते थे देश के राज

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में गाजियाबाद से पकड़े गए 6 संदिग्ध देश के सैन्य ठिकानों और संवेदनशील स्थानों के वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान ही नहीं यूके और मलेशिया के नंबरों पर भी भेजे जा रहे थे। गिरोह ने दिल्ली में दो स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगा रखे थे, जिनमें से एक कैमरे को पुलिस ने बरामद कर लिया है। आरोपी पाकिस्तान में बैठे आका को ‘सरदार’ नाम से बुलाते थे।

गाजियाबाद की कौशांबी थाना पुलिस ने शनिवार को मेरठ के परतापुर निवासी सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, संभल के ज्ञानपर सिसौना गांव निवासी साने इरम उर्फ महक और भोवापुर निवासी प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि व रितिक गंगवार को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से मिले मोबाइल में दिल्ली स्थित सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ के कार्यालयों समेत कई संवेदनशील स्थानों के 50 से अधिक वीडियो मिले थे।

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पाकिस्तान में बैठा ‘सरदार’ वीडियो के देता था 8 हजार रुपये

पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठा ‘सरदार’ सभी को जगह के नाम बताकर वीडियो व लोकेशन मंगाता था। इसके बदले 8 हजार रुपये तक देता था। वह साने इरम उर्फ महक के जरिये गिरोह में नए सदस्यों को जोड़ता था और सभी से बात करता था। ‘सरदार’ के कहने पर ही दिल्ली में दो स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाए गए थे। इनके जरिये सीधी निगरानी की जाती थी। इसके साथ ही पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल से यूके और मलेशिया के भी नंबर मिले हैं, जिन पर वीडियो और फोटो भेजे जाते थे। यहां से जो भी फोटो और वीडियो भेजा जाता था, वह कुछ ही समय में डिलीट हो जाता था। ‘सरदार’ के निर्देश पर बताया गया काम पूरा होने पर सुहेल काम करने वाले को भुगतान करता था। इसके लिए वह अपने खाते या यूपीआई का प्रयोग नहीं करता था, बल्कि अपने किसी परिचित या दोस्त से भुगतान करवाता था और उसे नकद रुपये दे देता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खाते फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रकम जिन भी खातों से ट्रांसफर हुई, सभी खाताधारकों को भी पुलिस ट्रेस कर रही है।

सुहेल ने राज को ग्रुप से जोड़ा

‘सरदार’ के संपर्क में आने के बाद सुहेल ने राज को ग्रुप से जोड़ा और उसे दिल्ली में सीसीटीवी कैमरा लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सूत्रों के अनुसार राज ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन और आर्मी कैंट क्षेत्र के पास सीसीटीवी कैमरा लगाया था। इनका एक्सेस भी विदेशी व्यक्ति को दिया था। हालांकि, पुलिस ने एक कैमरा बरामद कर लिया है, लेकिन अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे।

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आई फोन खरीदा तो हुआ शक

कुछ समय पहले राज वाल्मीकि ने अपना फूड स्टॉल बंद कर दिया था और आईफोन भी खरीदा था। उसके आसपास फूड स्टॉल लगाने वालों में इस बात की काफी चर्चा हुई। पुलिस को राज व उसके साथियों के वीडियो भी बनाने की जानकारी मिली तो राज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में राज ने पुलिस को बहकाने का प्रयास किया। पूछताछ आगे बढ़ी तो सभी राज खुलने लगे।

अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी, इंदिरापुरम, ''मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपियों के बैंक खातों की भी जांच की जाएगी। पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी।''

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