गुरुग्राम-फरीदाबाद में घरों में चल रहे नर्सिंग होम वैध करवा सकेंगे; क्या हैं शर्तें, ऐसे करें आवेदन
घरों में चल रहे नर्सिंग होम्स के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने घरों में नर्सिंग होम के संचालन के सिलसिले में नियम निर्धारित कर दिए हैं। इस सिलसिले में हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

गुरुग्राम-फरीदाबाद में घरों में चल रहे नर्सिंग होम्स के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने घरों में नर्सिंग होम के संचालन के सिलसिले में नियम निर्धारित कर दिए हैं। इस सिलसिले में हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के बाद घरों में बिना मंजूरी के चल रहे नर्सिंग होम को वैध करवा सकेंगे।
नोटिफिकेशन के मुताबिक, नर्सिंग होम केवल बिल्डर की रिहायशी कॉलोनियों में निर्मित मकानों में खोले जा सकेंगे। प्लॉट मालिक योग्य डॉक्टर (एलोपैथी/आयुष) होना चाहिए। मेडिकल काउंसिल/आयुष काउंसिल में पंजीकृत होना जरूरी है। स्थाानीय आईएमए शाखा से पंजीकरण और आवश्यक कन्वर्जन शुल्क जमा करना होगा।
ये हैं शर्तें
गुरुग्राम और फरीदाबाद जोन में कम से कम 350 वर्ग गज प्लॉट में मकान बना होना चाहिए। मुख्य सड़क के साथ सर्विस रोड अनिवार्य है। एक सेक्टर में चार से अधिक साइट की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसकी एफएआर, सेटबैक और ऊंचाई आदि हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 के अनुसार होनी चाहिए। स्टिल्ट पार्किंग अनिवार्य है। एंबुलेंस सहित सभी वाहनों की पार्किंग घर के अंदर होगी। बेसमेंट का उपयोग क्लीनिक, एक्स-रे और लैब के लिए किया जा सकेगा।
ऐसे कर सकेंगे आवेदन
अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन हरियाणा सरकार के टीसीपी पोर्टल के माध्यम से करना होगा। मालिकाना दस्तावेज, शपथ पत्र और आवश्यक शुल्क जमा करना होगा। इसके अतिरिक्त ईडीसी जैसे अन्य शुल्क नहीं लगेंगे। गुरुग्राम और फरीदाबाद में 10 हजार रुपये प्रति वर्ग गज जमा करवाने होंगे।
इन नियमों का भी करना होगा पालन
भवन योजना की स्वीकृति और ओसी लेना अनिवार्य होगा। अस्पताल कचरा निस्तारण और प्रदूषण बोर्ड में पंजीकरण जरूरी। केवल डायग्नोस्टिक सुविधाएं और मरीजों के लिए सीमित फार्मेसी की अनुमति। स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर निरीक्षण करेगा। आसपास के निवासियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और वह सब समय पर अपना इलाज की सुविधा ले सकें।
रेणुका सिंह, वरिष्ठ नगर योजनाकार, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, ''नई नीति से खासकर गुरुग्राम की लाइसेंस कॉलोनियों में पहले से चल रहे नर्सिंग होम को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। प्रत्येक सेक्टर के अंतर्गत आने वाली लाइसेंस कॉलोनियों में अब यह संस्थान नियमों के तहत आकर कानूनी रूप से मंजूरी लें सकेंगे।''




साइन इन