NEET परीक्षा रद्द होने पर भड़के राहुल गांधी, स्टालिन ने बताया MBBS एडमिशन का अलग ही तरीका
पेपर लीक के आरोपों के बीच नीट परीक्षा रद्द होने पर नाराजगी सामने आने लगी है। एक तरफ तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने इसे स्कैम बता डाला है। वहीं, राहुल गांधी ने भी इसको लेकर नाराजगी जताई है।

पेपर लीक के आरोपों के बीच नीट परीक्षा रद्द होने पर नाराजगी सामने आने लगी है। एक तरफ तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने इसे स्कैम बता डाला है। वहीं, राहुल गांधी ने भी इसको लेकर नाराजगी जताई है। राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि नीट का पेपर लीक सिर्फ नाकामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। स्टालिन ने यह भी सुझाव दे डाला है कि 12वीं के नंबरों के आधार पर एमबीबीएस में एडमिशन दिया जाए। एक्स पर लिखी एक पोस्ट में स्टालिन ने कहाकि इस साल एक बार फिर नीट परीक्षा में अनियमितता देखने को मिली है। इसके चलते परीक्षा रद्द हुई और लाखों परीक्षार्थियों को मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा के हर चरण में धांधली हुई है।
शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार
वहीं, राहुल गांधी ने लिखा कि नीट 2026 की परीक्षा रद्द हो गई। 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने गहने बेचे। लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला, पेपर लीक। कांग्रेस सांसद ने लिखा कि सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार। यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
अमृतकाल बना विषकाल
राहुल गांधी आगे लिखते हैं कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुंच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
नीट परीक्षा खत्म करने की बात
डीएमके चीफ ने नीट परीक्षा को ही खत्म करने की बात कही है। उन्होंने कहाकि फिर से नीट परीक्षा कराने का मतलब, समय की बर्बादी और छात्रों में कंफ्यूजन। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसा पहले होता था, बारहवीं क्लास के नंबरों के आधार पर एमबीबीएस की सीट दी जानी चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु की नवनिर्वाचित सरकार से भी अपील की कि वह नीट को लेकर मजबूत रवैया अपनाएं। साथ ही पुराने द्रविड़ियन मॉडल सरकार के लिए कानूनी रास्ता अख्तियार करें और नीट से छुटकारा दिलाएं।
NTA ने क्या कहा?
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी-2026’ को इसका प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को रद्द करने की घोषणा की। इसके बाद सरकार ने सीबीआई को इन अनियमितताओं की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया।एनटीए ने कहा कि यह परीक्षा अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित की जाएगी।




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