चिप बाजार में चमकेगा गौतमबुद्ध नगर, उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट किस जगह?
साल 2026 भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। यमुना सिटी में उत्तर भारत के पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की नींव रखी जा रही है। एचसीएल और फॉक्सकॉन के सहयोग से बनने वाली यह इकाई मोबाइल और टीवी डिस्प्ले चिप्स बनाएगी।

सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में वर्ष 2026 ऐतिहासिक साल साबित होने जा रहा है। केंद्र सरकार दस परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है, जिनमें से कई पर काम तेजी से चल रहा है। कुछ संयंत्रों में इस वर्ष चिप निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। गौतमबुद्ध नगर सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में ऊंची उड़ान भरने को तैयार है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गौतमबुद्ध नगर की यमुना सिटी में उत्तर भारत के पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की नींव रखी जा रही है।
यीडा क्षेत्र में लगने जा रही उत्तर भारत की पहली यूनिट
आत्मनिर्भर भारत के तहत यमुना सिटी (यीडा क्षेत्र) में शनिवार दोपहर करीब तीन बजे उत्तर भारत के पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की नींव रखी जाएगी। यह परियोजना रोजगार, निवेश और अत्याधुनिक तकनीक के नए आयाम खोलेगी। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-28 में उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उत्तर भारत की पहली इकाई स्थापित होने जा रही है।
छठी सेमीकंडक्टर यूनिट के रूप में मंजूरी
एचसीएल और फॉक्सकोन के संयुक्त उपक्रम मैसर्स इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को मई 2025 में देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट के रूप में मंजूरी दी गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले 18 जनवरी को कंपनी को 48 एकड़ भूमि का आवंटन पत्र सौंपा था।
3706.15 करोड़ का निवेश
कंपनी क्षेत्र में 3706.15 करोड़ का निवेश करेगी और 2,40,000 यूनिट स्मॉल पैनल ड्राइवर आईसी, डिस्प्ले इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण करेगी। इसके लिए रोजाना 19 हजार केवीए बिजली की जरूरत पड़ेगी और करीब 2000 एमएलडी पानी रोजाना इस्तेमाल होगा।
डीडीआईसी और ओसैट सुविधा से लैस पहली यूनिट
यमुना सिटी में भारत की पहली डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट (डीडीआईसी) और ओसैट (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग) सुविधा से लैस सेमीकंडटर यूनिट लगने जा रही है। डीडीआईसी एक खास प्रकार की चिप होती है जो मोबाइल, टीवी या कंप्यूटर की स्क्रीन को चलाने का काम करती है। यानी स्क्रीन पर तस्वीरें और वीडियो दिखाई देते हैं, उन्हें सही तरीके से दिखाने में यह चिप मदद करती है।
यमुना सिटी में ही होगी चिप की पैकेजिंग
वहीं, ओसैट का मतलब है चिप को जोड़ना, टेस्टिंग और उन्हें उपयोग के लिए तैयार करना। ऐसे में इस सुविधा से यमुना सिटी में ही चिप की उन्नत पैकेजिंग, संयोजन और परीक्षण किया जाएगा।

अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा
परियोजना के तहत उत्कृष्टता केंद्र, उन्नत अनुसंधान केंद्र और अत्याधुनिक सिमुलेशन प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी, जो सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार को गति देगी। इन संस्थानों में चिप डिजाइन, पैकेजिंग तकनीक, परीक्षण मानक और विश्वसनीयता विश्लेषण पर विशेष कार्य होगा। स्थानीय विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के सहयोग से छात्रों और युवाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।




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