naxalism eliminate deadline about 300 maoists on radar of security forces नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन करीब; सुरक्षाबलों के निशाने पर 300 नक्सली, Chhattisgarh Hindi News - Hindustan
More

नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन करीब; सुरक्षाबलों के निशाने पर 300 नक्सली

नक्सलवाद के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों ने अभियान तेज कर दिया है। वर्तमान में शीर्ष कमांडरों सहित करीब 300 नक्सली निशाने पर हैं। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि वे या तो सरेंडर कर दें या कार्रवाई के लिए तैयार रहें। 

Thu, 19 Feb 2026 12:34 AMKrishna Bihari Singh पीटीआई, रायपुर
share
नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन करीब; सुरक्षाबलों के निशाने पर 300 नक्सली

नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन करीब आने के साथ ही सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षा बलों की रडार पर करीब 300 नक्सली हैं। इननमें 2 बड़े कमांडर शामिल हैं। ये ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के सीमाई इलाकों में एक्टिव हैं। सुरक्षा बलों ने साफ कर दिया है कि ये नक्सली सरेंडर कर दें अन्यथा उन्हें खत्म कर दिया जाएगा। अब छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही नक्सलवाद से प्रभावित बचे हैं।

चार बड़े नक्सली नेताओं पर नजरें

अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति के शीर्ष चार सदस्यों में मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, देवजी उर्फ कुंभा दादा, रामन्ना उर्फ लक्ष्मण राव और मल्ला राजा रेड्डी उर्फ सागर शामिल हैं। देवजी और उनके दूसरे नंबर के कमांडर केसा सोढ़ी के इलाके में मौजूद होने की खुफिया इनपुट के बाद मंगलवार को छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया।

सुरक्षा बलों का केजीएच-2 ऑपरेशन

सीआरपीएफ और सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर केजीएच-2 अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह ऑपरेशन शीर्ष नक्सली कमांडरों को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल मुख्य रूप से नक्सली नेता देवजी उर्फ चेतन और केसा सोढ़ी की तलाश कर रहे हैं। मंगलवार से शुरू हुए इस अभियान में सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस के करीब 2,000 जवान शामिल हैं।

2025 में चलाया था ऑपरेशन ब्लैक

पीटीआई-भाषा के मुताबिक, केजीएच-2 नाम का यह ऑपरेशन नांबी और कोर्गोटालु हिल्स जैसे इलाकों में चलाया जा रहा है। यह अभियान मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने के केंद्र सरकार की तय की गई डेडलाइन का हिस्सा है। इससे पहले अप्रैल-मई 2025 में ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट चलाया गया था जिसमें 31 नक्सली मारे गए थे। उस समय भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे। इसे अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना गया था।

4 वरिष्ठ कमांडरों के साथ करीब 300 नक्सलियों की तलाश

अधिकारियों ने बताया कि रेड्डी को छोड़कर सभी सीनियर कमांडर, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे ओडिशा में छिपे हुए हैं। छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर काम कर रहे हैं। ओडिशा में छिपे रेड्डी को छोड़कर बाकी सभी वरिष्ठ कमांडर इसी क्षेत्र में सक्रिय हैं। सुरक्षा बलों को इन 4 वरिष्ठ कमांडरों के साथ करीब 300 नक्सलियों की तलाश है। इन नक्सलियों के खिलाफ संदेश बिल्कुल साफ है कि ये सरेंडर कर दें वरना सुरक्षा बल उन्हें खत्म कर देंगे।

संदेश साफ- सरेंडर करें नहीं तो खात्मा तय

अधिकारियों ने कहा कि इन नक्सलियों को या तो सरेंडर कर देना चाहिए अन्यथा सुरक्षा बल मार्च 2026 की डेडलाइन को पूरा करने के लिए उन्हें खत्म कर देगी। सनद रहे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में कहा था कि नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या घटाकर 3 कर दी गई है। इनमें छत्तीसगढ़ में बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर शामिल हैं। बयान के मुताबिक, सरकार 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:छत्तीसगढ़ के धमतरी में खौफनाक वाकया, सरकारी स्कूल के 35 बच्चों ने काटी अपनी कलाई
ये भी पढ़ें:गाजियाबाद में सरेराह 'संग्राम', इंदिरापुरम में भिड़ गईं दो युवतियां, VIDEO वायरल
ये भी पढ़ें:फ्लैट खरीदारों को डीडीए का बड़ा गिफ्ट; 5000 फ्लैटों के लिए नहीं लगेगी पार्किंग फी

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।