बिना पब्लिक ट्रांसपोर्ट कैसे पहुंचेंगे नोएडा एयरपोर्ट? न मेट्रो और न डायरेक्ट बस; कैब और टैक्सी ही सहारा
नोएड एयरपोर्ट पहुंचने के लिए यात्रियों फिलहाल को कैब, बाइक टैक्सी और निजी वाहनों पर निर्भर रहना होगा। मेट्रो कनेक्टिविटी और सीधी बस सेवाएं शुरू होने में अभी कई साल लगेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया। एयरपोर्ट पर अप्रैल के अंत तक हवाई सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली एनसीआर के लिए दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा। नोएड एयरपोर्ट पहुंचने के लिए यात्रियों फिलहाल को कैब, बाइक टैक्सी और निजी वाहनों पर निर्भर रहना होगा। मेट्रो कनेक्टिविटी और सीधी बस सेवाएं शुरू होने में अभी कई साल लगेंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, इस कमी को दूर करने के लिए एयरपोर्ट ने महिंद्रा लॉजिस्टिक्स मोबिलिटी से पार्टरनशिप की है। कंपनी इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस उपलब्ध करेगी। इसके अलावा राइड शेयरिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो से भी टाइअप किया गया है। रैपिडो एयरपोर्ट परिसर से यात्रियों को बाइक टैक्सी और कैब मुहैया करवाएगी। ये दोनों सेवाएं चौबीसों घंटे संचालित होंगी और यात्रियों के अराइवल और डिपार्चर को ध्यान में रखते हुए पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ प्वाइंट बनाए गए हैं।
उत्तराखंड परिवहन निगम के साथ समझौता
वहीं पिछले साल फरवरी में, नोए़डा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी के लिए एसी बस सर्विस के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए थे, उम्मीद है कि बस सर्विस एयर सर्विस के साथ शुरू होगी।
शटल और बसें केवल परी चौक तक चलती हैं
ऑटो-रिक्शा एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित हैं जिससे एयरपोर्ट पर पहुंचने के लिए टैक्सी और बाइक टैक्सी पर निर्भर रहना पड़ेगा। मेट्रो की बात करें हवाई अड्डे से लगभग 65 किलोमीटर दूर बॉटनिकल गार्डन से जेवर के लिए कोई सीधी बस सेवा नहीं है। शटल और बसें केवल परी चौक तक चलती हैं, जहां से यात्रियों को आगे के सफर के लिए खुद इंतजाम करना पड़ेगा। ऑटो-रिक्शा नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित हैं और उल्लंघन करने पर 20,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
हाई स्पीड कॉरिडोर के पास एयरपोर्ट
एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे के पास है, जो कि एक हाई स्पीड कॉरिडोर है। दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट जाने का सबसे तेज रास्ता यमुना एक्सप्रेसवे है। अगर आप नोएडा या ग्रेटर नोएडा में रहते हैं, तो आप नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और फिर यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकते हैं। आपको बता दें कि यूपीएसआरटीसी ने हवाई अड्डे को मेरठ, अलीगढ़, आगरा और मथुरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों से जोड़ने की योजना की घोषणा की है।
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