'पीएम ने कई उद्घाटन किए, 11 एयरपोर्ट बंद पड़े हैं'... नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता का तंज
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा हबै कि इस एयरपोर्ट को 2024 तक चालू हो जाना चाहिए था। इसमें पहले ही देरी हो चुकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। पीएम ने इस दौरान कहा कि उन्होंने कहा, ‘यह हवाई अड्डा नोएडा, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, समेत कई जिलों को लाभ देने वाला है। प्रदेश के किसानों, छोटे उद्योगों और नौजवानों के लिए अनेक अवसर लेकर आने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, यह विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा।’
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, "इस एयरपोर्ट को 2024 तक चालू हो जाना चाहिए था। इसमें पहले ही देरी हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने पहले भी कई हवाई अड्डों का उद्घाटन किया है, लेकिन उनमें से लगभग 10 से 11 और उद्घाटन के बाद चले ही नहीं बंद पड़े हुए हैं। अब इस नए एयरपोर्ट को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं कि इसमें चार रनवे होंगे, यह बड़ा बिजनेस पैदा करेगा और बहुत मुनाफे वाला होगा।'
'डेढ़ साल की देरी से शुरू हो रहा प्रोजेक्ट'
उदित राज ने आगे कहा 'इनकी सभी स्कीम शुरुआत में ऐसी ही होती हैं, बहुत शोर-शराबे के साथ शुरू होती हैं, लेकिन अब तक उनके बेहद फायदेमंद होने या बड़े स्तर पर रोजगार देने वाला बनने का एक भी स्पष्ट उदाहरण सामने नहीं आया है।
उन्होंने आगे कहा ‘भले ही उद्घाटन एक सकारात्मक कदम है और बुनियादी ढांचे का विकास महत्वपूर्ण है, लेकिन मुख्य सवाल भविष्य के परिणामों को लेकर है। क्या अनुमानित लक्ष्य और वादे वास्तव में पूरे होंगे? यह प्रोजेक्ट खुद पहले ही डेढ़ साल की देरी से शुरू हो रहा है।’
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में क्या-क्या खास?
एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है। एयरपोर्ट प्रति घंटे लगभग 30 विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। एयरपोर्ट का रनवे 3900 मीटर लंबा है। रनवे पर बड़े जहाज भी लैंडिंग कर सकते हैं। रनवे पर मॉर्डन नेविगेशन सिस्टम जैसे इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम और बेहतरीन लाइटिंग व्यवस्था है जिससे दिन-रात हर तरह के मौसम में इसपर सुरक्षित लैंडिग की जा सकती है।
इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा
एयरपोर्ट में मल्टी मोडल कार्गो (सामान ले जाने की सुविधा) के साथ लॉजिस्टिक्स जोन की सुविधा है। नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली एनसीआर के लिए दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा।




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