घने कोहरे में भी लैंडिंग और उड़ान, 10 मिनट में चेक इन; जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की खास बातें
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आज उद्घाटन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन किया। आइए जानते हैं इस एयपोर्ट में क्या-क्या खास बातें हैं।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया । इसके उद्घाटन के साथ ही यह एयरपोर्ट देश के सबसे आधुनिक और ज्यादा सुविधाओं वाले एयरपोर्ट में से एक हो गया। यह एयरपोर्ट हर मौसम में जहाजों के उतरने और टेक ऑफ करने के लिए तैयार है। आइए जानते हैं इस एयरपोर्ट में क्या-क्या खास सुविधाएं हैं।
कम दृश्यता में भी होगा संचालन
इस एयरपोर्ट पर कुल 3900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो कम दृश्यता में भी आसानी से संचालित हो सकेगा। कम दृश्यता के बावजूद यहां फ्लाइट आसान से लैंड और टेकऑफ कर सकेगी। बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के मौसम में भारी कोहरे के कारण कई फ्लाइट्स को लैंड करने और टेकऑफ करने में समस्या का सामना करना पड़ता है, इस दौरान कई फ्लाइट्स को दूसरे शहरों के लिए डायवर्ट करना पड़ता है। ऐसे में इस एयरपोर्ट पर कम दृश्यता में भी फ्लाइट्स लैंड कर सकेंगी और इसका संचालन होता रहेगा।
बता दें कि जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से मार्च 2026 में सभी मौसमों में संचालन की मंजूरी के साथ लाइसेंस मिल गया था, जिसका अर्थ है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आम तौर पर पाई जाने वाली कम दृश्यता के बाद भी फ्लाइट की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए आवश्यक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस), नेविगेशन एड्स, रनवे लाइटिंग और एयर ट्रैफिक सिस्टम मौजूद हैं।
जेवर के एकमात्र रनवे का नाम 10/28 रखा गया है। इसके दोनों सिरों पर आईएलएस (इंटरनल लैंडिंग सिस्टम) लगाया गया है, जिससे फ्लाइट हवा की स्थिति के अनुसार किसी भी दिशा से आ सकते हैं। यह सिस्टम लोकलाइज़र के माध्यम से गाइड करती है, जिससे फ्लाइट रनवे की बाच वाली लाइन के साथ आ जाता है।
10 मिनट चेक इन टाइम
यह एयरपोर्ट चेक-इन और बैगेज-ड्रॉप के लिए प्रस्तावित 10 मिनट की समय-सीमा सेल्फ-सर्विस कियोस्क, डिजिटल प्रोसेसिंग और एक ऐसे टर्मिनल लेआउट के उपयोग पर आधारित है, जिसे भीड़भाड़ और यात्रियों के रुकने के समय को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।




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