'पाक का हाथ है तो'… नोएडा हिंसा मामले पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय का सरकार को खुला चैलेंज
गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बवाल के पीछे पाकिस्तान कनेक्शन का दावा किया था। वहीं श्रमिकों से मिलने नहीं दिए जाने पर कहा कि यहां की कंपनियों के मजदूरों का काफी लंबे समय से शोषण किया जा रहा था और सरकार भी कंपनियों के साथ ही है।

नोएडा में सोमवार को वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। श्रमिकों ने कई कंपनियों की बिल्डिंग में तोड़फोड़ की तो वाहनों में भी आग लगाई। गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बवाल के पीछे पाकिस्तान कनेक्शन का दावा किया था।
इस बीच अब समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय शुक्रवार को कहा कि अगर सरकार को पता है कि इसमें पाकिस्तान का हाथ है तो पाकिस्तान से लड़ना चाहिए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा ‘अगर सरकार को यकीन है कि इसमें पाकिस्तान का हाथ है, तो उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ लड़ना चाहिए। उन्हें पाकिस्तानियों को पकड़ना चाहिए और उन्हें दंड देनी चाहिए।’
'काफी लंबे समय से शोषण किया जा रहा'
उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय ने पुलिस द्वारा श्रमिकों से मिलने नहीं दिए जाने पर कहा कि 'यहां की कंपनियों के मजदूरों का काफी लंबे समय से शोषण किया जा रहा था और सरकार भी कंपनियों के साथ ही है। वे इस शोषण के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और धरने पर बैठे थे। न तो प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान दिया, और न ही नियुक्त श्रम आयुक्त या श्रम निरीक्षक ने उनके शोषण के खिलाफ कोई कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि ‘जब सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो स्थिति इस हद तक बिगड़ गई कि उन्होंने लाठीचार्ज का सहारा लिया। हम यहां किसी काम में बाधा डालने नहीं आए हैं। हम तो केवल उन लोगों का हाल-चाल जानने आए हैं जिनके साथ अन्याय हुआ है। देखते हैं पुलिस हमें कहां ले जाती है और क्या करती है।’
पुलिस कमिश्नर ने पाक कनेक्शन को लेकर क्या कहा था?
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक सोची-समझी गहरी साजिश करार दिया है, जिसमें सीमा पार यानी पाकिस्तान के सोशल मीडिया हैंडल का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस कमिश्नर बताया है कि पाकिस्तानी के दो एक्स हैंडल हैंडल से पोस्ट करके मजदूरों को भड़काया गया था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बीपीएन का गलत इस्तेमाल किया गया। अबतक की जांच में पुलिस ने 3 मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की है जिनमें दो आरोपियों की पहचान रुपेश रॉय और मनीषा चौहान के रूप में हुई है तो आदित्य आनंद फरार है।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक हिंसा के दौरान तीनों नोएडा में ही मौजूद थे। तीनों मुख्य साजिशकर्ता राष्ट्रवादी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया के सदस्य हैं। तीनों पर श्रमिकों को भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि 2 एक्स हैंडल भी मिले हैं जो कि MEER ILAYASI और AYUSHI TIWARI के नाम से पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे। दोनों एक्स हैंडल करीब 3 महीने से एक्टिव थे। श्रमिकों के प्रदर्शन, आगजनी को लेकर अबतक कुल 13 मुकदमे लिखे गए और 62 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिसमें साजिशकर्ता, आगजनी करके वाले और उपद्रवी तत्व शामिल।
'वॉट्सऐप ग्रुप' बनाए गए थे
लक्ष्मी सिंह ने इससे पहले मीडिया को बताया था कि किस तरह कुछ 'वॉट्सऐप ग्रुप' बनाए गए और क्यूआर कोड के जरिए इसमें लोगों को जोड़कर उन्हें भड़काया गया। दर्शन से पहले ही कई व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया अकाउंट तैयार किए गए थे। इन डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल सूचनाएं देने के लिए नहीं बल्कि गलत और भ्रामक जानकारियां फैलाने के लिए किया गया था।
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