नोएडा मामले में CM योगी की चेतावनी, वर्करों के अधिकार, गरिमा और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में श्रमिकों के हंगामे का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों, गरिमा और सामाजिक सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही किसी भी उल्लंघन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि श्रमिकों के अधिकारों, गरिमा और सामाजिक सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही किसी भी उल्लंघन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। नोएडा में श्रमिकों के हंगामे का संज्ञान लेते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन गैर-श्रमिक तत्वों की पहचान करें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जो अशांति भड़काते पाए जाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि हर श्रमिक को काम करने के लिए गरिमापूर्ण माहौल, समय पर पूरा वेतन और सभी वैधानिक लाभ मिलें।
गैर-श्रमिक तत्वों पर कार्रवाई करें
गौतम बुद्ध नगर में श्रमिकों के हंगामे का गंभीर संज्ञान लेते हुए योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन गैर-श्रमिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जो अशांति भड़काते पाए जाएं या औद्योगिक सौहार्द को बिगाड़ रहे हों। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे तत्वों का पर्दाफाश किया जाए। यदि जरूरी हो तो उनकी फोटो सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएं। मुख्यमंत्री ने उन संगठनों या व्यक्तियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया जो मजदूरों को भड़काते हैं, अफवाहें फैलाते हैं या गलत जानकारी फैलाने वाले अभियानों में शामिल होते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी करें
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी करने और गलत जानकारी या प्रोपेगैंडा फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी सोमवार को नोएडा में मजदूरों के बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के बाद आई है। नोएडा में इस विवाद के मद्देनजर सीएम योगी ने इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास आयुक्त तथा श्रम विभाग की देखरेख में पूरे राज्य में ऐसी सभी एजेंसियों की गहन जांच के निर्देश दिए।
कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाओं पर जोर
उन्होंने कहा कि जांच में कामगारों की वास्तविक संख्या, औद्योगिक इकाइयों से प्राप्त भुगतान, कामगारों को दी गई मजदूरी, ईएसआई, बीमा तथा अन्य लाभों जैसे प्रावधानों के पालन की पुष्टि की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी औद्योगिक इकाइयां कामगारों की शिकायतों के पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर समाधान को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी शिकायत निवारण प्रकोष्ठ स्थापित करें। उन्होंने कार्यस्थल पर गुणवत्तापूर्ण मेस (भोजन) की व्यवस्था सहित बेहतर सुविधाओं पर जोर दिया।
छात्रावास और किफायती आवास योजना तैयार करें
सीएम योगी ने उद्योग विकास प्राधिकरणों को औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों के लिए छात्रावास और किफायती आवास योजनाएं बनाने की एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों को केवल राजस्व जुटाने तक ही सीमित न रहकर अपने सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए।
बीमा कवरेज के लिए बैंकों के साथ तालमेल पर जोर
मुख्यमंत्री ने बैंकों के साथ तालमेल पर भी जोर दिया, ताकि मजदूरों को बीमा कवरेज मिल सके। उन्होंने मजदूरों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल बीमा पर खास ध्यान देने की बात कही। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधन के साथ नियमित बातचीत बनाए रखें। यह भी सुनिश्चित करें कि इन चर्चाओं में केवल असली मजदूर ही शामिल हों।
नोएडा में हालात लगभग सामान्य
उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से यह भी कहा कि वे सतर्क रहें, ताकि कोई भी गड़बड़ी फैलाने वाला तत्व मजदूरों का भेष बनाकर औद्योगिक परिसर में प्रवेश न कर सके। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के बाद वेतन में हुई बढ़ोतरी से मजदूर काफी हद तक संतुष्ट हैं। नोएडा में हालात लगभग सामान्य हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एक अप्रैल से लागू होने वाला संशोधित वेतन, सभी मजदूरों को बिना किसी चूक के दिया जाना चाहिए।




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