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नोएडा में कैसे 3 दिन की तैयारी ने लगाई आग, 'मजदूर बिगुल दस्ता' और रूपेश राय असली विलेन?

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों के प्रदर्शन से पहले तीन दिनों के भीतर 80 से अधिक वॉट्सऐप ग्रुप तैयार किए गए, जिनमें से करीब 50 ग्रुप की जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। 50 से ज्यादा एक्स हैंडल भी तैयार किए गए थे।

Thu, 16 April 2026 10:27 AMSudhir Jha हिन्दुस्तान, नोएडा
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नोएडा में कैसे 3 दिन की तैयारी ने लगाई आग, 'मजदूर बिगुल दस्ता' और रूपेश राय असली विलेन?

नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि हिंसा भड़काने के लिए तीन दिन से कई स्तरों पर तैयारी चल रही थी। सोशल मीडिया से लेकर औद्योगिक इलाकों में घूमते हुए कुछ लोगों ने पूरा माहौल तैयार किया। श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे तीन संगठनों के नाम सामने आएं हैं। मजदूर बिगुल दस्ता इनमें प्रमुख है। पुलिस ने इस संगठन के प्रमुख रूपेश राय को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। श्रमिकों को भड़काने वाले 18 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि श्रमिकों के प्रदर्शन से पहले तीन दिनों के भीतर 80 से अधिक वॉट्सऐप ग्रुप तैयार किए गए, जिनमें से करीब 50 ग्रुप की जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। इनमें से 17 ग्रुप का सत्यापन किया गया है, जिनमें हिंसा भड़काने वाले संदेश साझा किए गए थे। इन ग्रुप में श्रमिकों की वास्तविक मांगों जैसे वेतन वृद्धि या कार्य स्थितियों में सुधार को लेकर कोई चर्चा नहीं थी। इसके बजाय कर्मचारियों को उकसाने, भीड़ जुटाने और फैक्टरियों में तोड़फोड़ करने जैसी बातें लिखी जा रही थीं।

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पुलिस का कहना है कि यह पूरी गतिविधि पूर्व नियोजित और संगठित तरीके से चलाई जा रही थी। जांच के बाद ही मजदूर बिगुल दस्ता संगठन से जुड़े रूपेश राय समेत 18 की गिरफ्तारी हुई। जांच में यह भी सामने आया है कि मजदूर बिगुल दस्ते से जुड़े लोग औद्योगिक क्षेत्रों में घूम-घूमकर मजदूरों को भड़काने का काम कर रहे थे। इस संगठन का नाम इससे पहले हरियाणा के मानेसर में हुई औद्योगिक हिंसा में भी सामने आया था।

नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि श्रमिकों के प्रदर्शन को हिंसक बनाने में मुख्य रूप से तीन समूहों की भूमिका सामने आई है। अब तक 17 वॉट्सऐप ग्रुप का सत्यापन किया जा चुका है और 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है। एजेंसियां भी जांच में जुटी हैं।

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संदिग्ध एक्स हैंडल की भी जांच

जांच के दौरान पुलिस को 50 से अधिक संदिग्ध एक्स हैंडल की जानकारी मिली। ये हैंडल हिंसा से एक-दो दिन पहले ही बनाए गए थे। इनके जरिए भड़काऊ पोस्ट डाले जा रहे थे। इनका उद्देश्य माहौल को और अधिक उग्र बनाना था। पुलिस ने इन हैंडल्स की जानकारी के लिए एक्स कंपनी से संपर्क किया है। आधिकारिक पत्र और ई-मेल भेजे हैं, ताकि इन अकाउंट के संचालकों की पहचान की जा सके।

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