नोएडा हिंसक प्रदर्शन पर पुलिस का बड़ा खुलासा, आरोपी सत्यम वर्मा के खाते में विदेश से आए थे 1 करोड़ रुपए
नोएडा में हुए हिंसक मजदूर प्रदर्शन पर पुलिस ने बड़ा दावा किया है। नोएडा पुलिस ने बताया कि आरोपी सत्यम वर्मा के खाते में विदेश से एक करोड़ रुपए आए थे।

नोएडा में हुए हिंसक मजदूर प्रोटेस्ट पर बड़ा खुलासा सामने आया है। नोएडा पुलिस ने दावा किया है कि इन प्रदर्शनों से जुड़े एक आरोपी के अकाउंट में विदेश से 1 करोड़ रुपए जमा किए गए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी सत्यम वर्मा के बैंक खाते में डॉलर, पाउंड और यूरो के रूप में पैसे आए थे।
पुलिस ने बताया कि 13 अप्रैल को नोएडा पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में दर्ज केस की जांच के दौरान खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि नोएडा की 80 से ज्यादा जगहों पर 40-50 हजार मजदूर इकट्ठा हुए थे और अशांति फैलाई थी। इस दौरान सड़कें भी जाम की गई थीं। अब पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी सत्यम वर्मा के खाते में विदेशों से भी पैसे आए थे। ये पैसे यूरो, डॉलर और पाउंड में आए थे।
दोनों के आरोपियों के खिलाफ NSA
पुलिस के एक बयान में बताया कि इन घटनाओं के संबंध में दर्ज मामलों की जांच के दौरान, आरोपी सत्यम वर्मा के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि वर्मा ने, एक अन्य आरोपी आकृति के साथ मिलकर, मजदूर आंदोलन के दौरान हिंसक विरोध प्रदर्शनों, आगजनी और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने में अहम भूमिका निभाई थी। बयान में कहा गया कि इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, वर्मा को 19 अप्रैल को लखनऊ से हिमांशु ठाकुर के साथ गिरफ्तार किया गया था। ये दोनों वामपंथी मज़दूर अधिकार समूह 'बिगुल मज़दूर दस्ता' के सक्रिय सदस्य हैं। इससे पहले, उन्होंने आदित्य आनंद को गिरफ्तार किया था, जिसे इन घटनाओं का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि वर्मा ने विभिन्न विदेशी देशों से मिली रकम को कई बार अपने अन्य निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। उन्होंने यह भी बताया कि वह कई ऐसे संगठनों से जुड़ा था जिनकी फिलहाल गहन जांच चल रही है।
इस मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि सत्यम वर्मा के बैंक खातों के जरिए किए गए लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि ये फंड अलग-अलग देशों से मिले थे। अब इन सभी फंडिंग की जांच की जा रही है।




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