झारखंड में 20 जून से शुरू होगा SIR, क्या होगी प्रक्रिया; मुख्य चुनाव अधिकारी ने सबकुछ बताया
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण की घोषणाा कर दी है। झारखंड समेत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर होगा। झारखंड में 20 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी। इसकी प्रक्रिया के बारे में बताया गया है।

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण की घोषणाा कर दी है। झारखंड समेत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर होगा। झारखंड में 20 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी।
इधर, झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए तैयारी पूर्व से ही है। 23 मई को मतदान केंद्रों पर सभी अनमैप्ड मतदाताओं की सूची प्रकाशित होगी। इस सूची में उनके बीएलओ के नाम और नंबर भी छपे होंगे। इससे मतदाता अपनी मैपिंग के लिए बीएलओ से संपर्क कर सकेंगे। अनमैप्ड मतदाताओं की सूची की एक प्रति बीएलओ को भी दी जाएगी, ताकि वे एएसडीडी सूची (अब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट) को अंतिम रूप दे सकें। साथ ही, शेष अनमैप्ड मतदाता गणना फॉर्म के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेजों को तैयार कर सकें, ताकि घोषणा पत्र के साथ उन्हें पेश किया जा सके।
क्या बोले झारखंड के सीईओ
के. रवि कुमार ने कहा, एक भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटे नहीं, इसे लक्ष्य बना कार्य किया जा रहा है। हर घर तक उनके क्षेत्र के बीएलओ जाकर सत्यापन करेंगे। उन्होंने पात्र नागरिकों से एसआईआर में सहयोग की अपील की है। एसआईआर के लिए अर्हता तिथि एक अक्तूबर 2026 को निर्धारित करते हुए कार्यक्रम के बारे में बताया जाएगा। बता दें कि तीसरे चरण में झारखंड समेत दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र, अरुणाचल, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, नगालैंड, त्रिपुरा, दादर और नगर हवेली के साथ दमन और दीव में एसआईआर किया जाएगा।
झारखंड में 2,64,89,777 वोटर
झारखंड में 12 मई तक मतदाताओं की संख्या 2,64,89,777 हैं। एसआईआर में बीएलओ की संख्या 29,571 है। वहीं, राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बीएलओ 21,644 हैं।
झारखंड समेत 16 राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में तैयारी शुरू
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, तीसरे चरण के तहत 30 मई से चरणबद्ध तरीके से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी। इस चरण में झारखंड समेत दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, नगालैंड, त्रिपुरा, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव शामिल हैं। तीसरे चरण के दौरान कुल 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। उनके सहयोग के लिए राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी तैनात रहेंगे।
गौरतलब है कि बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है। असम में एक ‘विशेष पुनरीक्षण’ किया गया था। जबकि हिमपात वाले क्षेत्रों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एसआईआर का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा।
मतदाताओं का 30 जून से होगा डोर-टू-डोर सत्यापन
एसआईआर के लिए 20 जून से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण और मुद्रण का कार्य किया जाना है। बीएलओ की ओर से घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन 30 जून से 29 जुलाई तक किया जाना है। मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी 29 जुलाई तक किया जाना है। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन पांच अगस्त को किया जाएगा। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि पांच अगस्त से चार सितंबर तक तय की गई है। नोटिस फेज और दावा व आपत्तियों के निस्तारण की अवधि पांच अगस्त से तीन अक्तूबर तक है और सूची का अंतिम प्रकाशन सात अक्तूबर को किया जाएगा।




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