नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई सफर का रास्ता साफ, मिला एयरोड्रम लाइसेंस
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। यह एयरोड्रम लाइसेंस मिलने की दिशा में एक बड़ी बाधा थी। लाइसेंस मिलते ही एयरलाइंस के साथ परिचालन पर चर्चा होगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एक गुड न्यूज है। एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। यही नहीं नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने भी एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रम लाइसेंस दे दिया है। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से साझा की गई है। इसके साथ ही इस एयरपोर्ट पर विमान संचालन के साथ हवाई सफर की राह खुल गई है। उम्मीद है कि जल्द इसके परिचालन को लेकर भी अपडेट सामने आएगा।
सरकार ने दी जानकारी
नागर विमानन मंत्रालय ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि डीजीसीए ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रोम लाइसेंस प्रदान कर दिया है।
कितनी होगी क्षमता?
पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल के साथ एयरपोर्ट सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। चार चरणों में पूरी तरह विकसित होने के बाद यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट सालाना 7 करोड़ तक यात्रियों को संभाल सकता है।
उतर सकते हैं बड़े विमान
यह इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकल्प के रूप में तैयार किया जा रहा है। इस पर बोइंग 777-300ईआर जैसे बड़े विमान भी उतर सकते हैं।
दिल्ली-NCR और पश्चिमी यूपी का प्रमुख हवाई संपर्क केंद्र
इसे एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी यूपी के प्रमुख हवाई संपर्क केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। देश में एयरपोर्टों की संख्या 164 है। सरकार ने साल 2047 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 400 से अधिक करने का लक्ष्य रखा है।
क्यों जरूरी है एयरोड्रम लाइसेंस?
एयरोड्रम लाइसेंस यह प्रमाणित करता है कि एयरपोर्ट सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और परिचालन मानकों को पूरा करता है। यह लाइसेंस विमानों की उड़ान और उतरने यानी लैंडिंग (वाणिज्यिक संचालन) के लिए अनिवार्य है।
यह कंपनी कर रही निर्माण
एयरपोर्ट का विकास यूपी और केंद्र सरकार के साथ सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) की ओर से किया जा रहा है।
आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने यूपी सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास NCR और पश्चिमी यूपी के लिए विमानन संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एयरपोर्ट विश्वस्तरीय होगा। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास के साथ ही पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। यह क्षेत्र के मौजूदा एयरपोर्टों पर भी भीड़भाड़ को कम करने में भी मददगार साबित होगा।




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