यमुना सिटी का दिखेगा स्मार्ट अवतार, नोएडा एयरपोर्ट के पास AI सिटी की तैयारी
नोएडा एयरपोर्ट के पास 250 एकड़ में उत्तर प्रदेश का दूसरा एआई हब बनाने की तैयारी है। इसके लिए साढ़े तीन लाख करोड़ का निवेश होगा जिसमें डाटा सेंटर और रिसर्च लैब बनेंगे। इससे क्षेत्र में बड़े रोजगार और निवेश के अवसर पैदा होंगे।

ग्रेटर नोएडा की यमुना सिटी का स्मार्ट अवतार दिखेगा। नोएडा एयरपोर्ट के पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब (सिटी) बनाने की तैयारी है। इसके लिए हैदराबाद की एएम ग्रीन कंपनी ने नोएडा एयरपोर्ट के पास 250 एकड़ जमीन की मांग की। कंपनी के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा भी किया। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ ने यह जानकारी दी।
दावोस बैठक से निकली तरक्की की राह
यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि यमुना सिटी में एआई हब की नींव बीते दिनों दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक के दौरान पड़ी थी। इस दौरान एएम ग्रीन कंपनी ने उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात कर राज्य में एआई हब विकसित करने की इच्छा जताई थी।
यीडा पहुंचा प्रतिनिधिमंडल
इसके चलते बुधवार को कंपनी के ईवीपी एवं सीईओ नवजीत गिल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल यीडा पहुंचा। यहां उन्होंने सीईओ आरके सिंह से मुलाकात की। इस दौरान सीईओ ने प्रतिनिधिमंडल को यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टरों, बेहतर कनेक्टिविटी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और क्षेत्र से गुजरने वाले विभिन्न एक्सप्रेसवे की जानकारी दी।
एआई हब के लिए साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक का निवेश
कंपनी को बताया गया कि यमुना सिटी निवेश के लिए उपयुक्त स्थान है। बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने यमुना सिटी का भ्रमण कर सेक्टर-8 और 28 के आसपास की भूमि को देखा और क्षेत्र का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा काफी सकारात्मक बताया गया। कंपनी एआई हब के लिए करीब साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक का निवेश करेगी।
डाटा सेंटर और रिसर्च लैब भी बनेगी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब में एआई डाटा सेंटर, रिसर्च लैब, स्टूडियो, स्टार्टअप और अन्य बड़ी एआई कंपनियों के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। यहां एआई मॉडल डेवलपमेंट, डाटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, रिसर्च एंड इनोवेशन और विभिन्न उद्योगों के लिए एआई आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के बाद यह दूसरा एआई हब होगा।
कंपनी को पसंद आया क्षेत्र
यीडा के सीईओ आरके सिंह ने कहा कि कंपनी के प्रतिनिधिमंडल को एआई सिटी के लिए क्षेत्र पसंद आया। वह यहां अपनी यूनिट स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी। प्रतिनिधिमंडल को क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार से मिलने वाली छूट के बारे में बताया गया।
बजट में छूट से पंख लगेंगे
इस बार केंद्रीय बजट में डाटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों के लिए क्लाउड सेवाओं में कर छूट 2047 तक देने की घोषणा की गई है। इससे नोएडा, ग्रेनो और यमुना सिटी में भी क्षेत्र से जुड़ी और कंपनियां शुरू हो सकेंगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में अभी करीब 11 डाटा सेंटर के लिए भूखंड आवंटित हैं। इनमें डाटा सेंटर संचालित हैं। आने वाले दिनों में और भूखंड आवंटित किए जाने हैं। एआई सिटी में भी डाटा आधारित कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा।




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