जेवर में योगी सरकार ने बनवाया नोएडा एयरपोर्ट पर राजनाथ सिंह को क्यों पहला क्रेडिट, अखिलेश चाहते थे कहीं और
गौतमबुद्ध नगर के लिए 28 मार्च का दिन बेहद खास होगा। इस दिन जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही जेवर के लोगों का 25 वर्ष पहले देखा गया सपना भी पूरा हो जाएगा।

गौतमबुद्ध नगर के लिए 28 मार्च का दिन बेहद खास होगा। इस दिन जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही जेवर के लोगों का 25 वर्ष पहले देखा गया सपना भी पूरा हो जाएगा। इसी के साथ एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट बनाने का रिकॉर्ड भी जिले के नाम दर्ज हो जाएगा। क्षेत्र के लोग इसके शुभारंभ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। एयरपोर्ट भले ही योगी आदित्यनाथ की सरकार में बना है, लेकिन इसका सपना 25 साल पहले राजनाथ सिंह ने देखा था और इसलिए ‘पहला क्रेडिट’ उन्हें जाता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव वर्ष 2001 में उत्तरप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने पारित किया था। उसके बाद लंबे समय तक यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। एक समय ऐसा भी आया जब यूपीए के नेतृत्व वाली सरकार ने एयरपोर्ट को दिल्ली आईजीआई से 150 किलोमीटर से कम दूरी का हवाला देकर लटका दिया गया। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एयरपोर्ट को आगरा ले गए, जोकि आईजीआई से 200 किलोमीटर की दूरी पर था, लेकिन वर्ष 2014 में भाजपा सत्ता में आई तो जेवर में नोएडा एयरपोर्ट के बनने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो गया। लोगों ने भी बिना परियोजना का दिल खोलकर स्वागत किया और बिना किसी विवाद के एयरपोर्ट के लिए जमीन दी।
पूरी होगी 25 साल पुरानी यात्रा
इतनी बड़ी परियोजना के लिए पांच वर्षों में 2500 से अधिक हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण होने का रिकॉर्ड दर्ज है। दिल्ली के उप राज्यपाल ने स्वयं एयरपोर्ट का दौरा करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने अधिकारियों से अधिग्रहण प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली थी। ऐसे में करीब 25 वर्ष पहले शुरू एयरपोर्ट की यात्रा 28 मार्च 2026 को पूरी हो जाएगी।
UP के कई जिलों को होगा बड़ा फायदा
यह एयरपोर्ट सिर्फ गौतमबुद्धनगर जिले का ही विकास नहीं करेगा, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ही तस्वीर बदल देगा। एयरपोर्ट के निर्माण के कारण गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ तथा हरियाणा के जिलों में अनेक अहम परियोजनाएं आई हैं। गौतमबुद्धनगर जिले में सबसे अधिक निवेश आने का प्रमुख कारण भी यह एयरपोर्ट ही है। वहीं, 70 लाख से अधिक लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
9 दिसंबर 2024 को पहली बार विमान उतरा
एयरपोर्ट के 3900 मीटर लंबे व 60 मीटर चौड़े रनवे पर 9 दिसंबर 2024 को पहली बार इंडिगो एयरलाइंस के एयरबस ए-320 कमर्शियल विमान वीटी-आईएफआई ने लैंडिंग की थी। विमान ने करीब 25 मिनट हवा में आईएलएस और अन्य उपकरणों की जांच की और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से समन्वय स्थापित करते हुए रनवे पर सफल लैंडिंग की। लैडिंग के बाद विमान को सलामी (वाटर कैनन) दी गई। इस पल को वहां मौजूद लोगों ने अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की थी।
ऐसे आगे बढ़ता गया एयरपोर्ट का सपना
2001: तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट एंड एविएशन हब का प्रस्ताव पारित किया।
2010: तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने रक्षा मंत्रालय से इसका क्लियरेंस लिया।
2013: मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस प्रोजेक्ट को आगरा ले गए।
2014: एयरपोर्ट प्रोजेक्ट वापस जेवर आया।
2015: अखिलेश यादव ने एयरपोर्ट शुरू करने की इच्छा जताई।
2017: जुलाई में एयरपोर्ट के निर्माण साइट की अनुमति मिली, नवंबर में गृह मंत्रालय ने इमीग्रेशन NOC दी।
2018: सोशल इम्पैक्ट एसेसमेंट शुरू हुआ, इसके बाद नागर विमानन मंत्रालय ने सैद्धांतिक मंजूरी दी।
2019: प्रस्तावित साइट पर जमीन पर कब्जा लेना शुरू हुआ। ज्यूरिख कंपनी ने सबसे बड़ी बोली लगाई।
2020: कंपनी के साथ नियाल (NIAL) ने करार किया। इसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
2021: 25 नवंबर को प्रधानमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।
2024: 9 दिसंबर को इंडिगो एयरलाइंस के यात्री विमान पहली बार एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा।
2025: नवंबर में टर्मिनल सेवा के लिए स्थानीय लोगों को यात्री बनाकर ट्रायल किया गया।
2026 (5 मार्च): नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो ने एयरपोर्ट की संपूर्ण सुरक्षा को मंजूरी दी।
2026 (6 मार्च): नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने उड़ान के लिए एरोड्रम लाइसेंस जारी किया।
2026 (28 मार्च): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे।




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